सारठ. प्रखंड सभागार में प्रखंड प्रमुख गौतम रवानी की अध्यक्षता में बीएलबीसी की बैठक आयोजित हुई. बैठक में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. एलडीएम आनंद मोहन सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. मुख्य रूप से केसीसी सहित कृषि ऋण के लंबित आवेदनों और ऋण वितरण में आ रही समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया. पंचायत समिति सदस्य रघुनंदन सिंह ने आरोप लगाया कि कई बैंकों द्वारा किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मुखिया नंदकिशोर तुरी ने कहा कि बिचौलियों का प्रभाव बढ़ने से वास्तविक किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है. किसानों ने भी कहा कि केसीसी आवेदन लंबित रहते हैं और नवीनीकरण में परेशानी होती है. एक किसान ने बताया कि खाता देवघर शाखा में होने के कारण सारठ निवासी होने पर भी ऋण नहीं मिल रहा है. कुछ किसानों ने यह भी शिकायत की कि बैंक पुनर्भुगतान के नाम पर दबाव बनाते हैं. शाखा प्रबंधकों ने कहा कि केसीसी आवेदनों में त्रुटियां रहती हैं, विशेषकर जमीन के संयुक्त स्वामित्व और दखल संबंधी कागजात में। बीस सूत्री अध्यक्ष इश्तियाक मिर्जा ने स्पष्ट मानदंड तय करने का सुझाव दिया ताकि सही आवेदन ही आएं. शाखा प्रबंधकों ने पीएम किसान से जुड़े खातों में ही केसीसी सुविधा देने और अन्य कृषि ऋण उपलब्ध कराने की बात कही. एलडीएम ने बताया कि बैंकिंग नियमों के तहत दूरी की सीमा तय होती है। बैठक में एनपीए खाते, सर्टिफिकेट केस (पांच नोटिस के बाद) और ऋण वसूली तेज करने पर भी चर्चा हुई. मौके पर डीडीएम नाबार्ड अग्रणी शाखा प्रबंधक, बैंकों के शाखा प्रबंधक के साथ प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर, सहायक तकनीकी प्रबंधक गौतम कुमार आदि मौजूद थे.
किसानों को ऋण समय देने में नहीं करें आना-कानी: प्रमुख
सारठ प्रखंड सभागार में बीएलबीसी की बैठक
