बेटे को खोया, अब मुआवजे के लिए जूझ रहा पिता, 20 महीने बाद भी अटकी पड़ी है सरकारी फाइल

18 मार्च 2022 को सड़क हादसे में बेटे की मौत, 20 महीने बाद भी पिता को नहीं मिला सरकारी मुआवजा. सरकारी फाइलों में अटकी है भुगतान की उम्मीद.

सारठ : एक तो बेटे का गम,ऊपर से विभाग की बेरुखी से परेशान है बद्री नापित,प्रखण्ड अंतर्गत दलदली गांव के बद्री नापित अंचल से लेकर जिला तक के सरकारी के काज व कागजी प्रक्रिया से परेशान होकर बताया कि उनके बेटे गोविंदा नापित का 18 मार्च 2022 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के क्रम में रिम्स रांची में 21 मार्च 22 को मौत हो गयी,जहा स रिम्स ओपी द्वारा फर्द बयान लेकर सारठ थाना में भेजा गया,परंतु लंबे समय तक यूडी केस दर्ज नही किया था ,जिसको लेकर पंसस एम सिन्हा ने डीजीपी झारखण्ड को पत्र लिखकर प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया था,शिकायत को संज्ञान में डीजीपी झारखण्ड द्वारा देवघर एसपी को पत्र भेज मामले की जांच करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया.

सीओ सारठ द्वारा भेजा गया पत्र | Prabhat Khabar Network

एसपी के निर्देश पर दर्ज हुई यूडी केस

डीजीपी के निर्देश पर एसपी देवघर ने सारठ थाना प्रभारी सारठ को ज्ञापांक 37/दिनांक 15 जनवरी 24 को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश पर सारठ थाना में जनवरी 2024 में दर्घटना में गोविंदा ठाकुर की मौत की यूडी केस दर्ज की गई.

आज तक नही मिला आपदा के तहद सड़क दुर्घटना से मौत का अनुग्रह राशि

जनवरी 2024 में यूडी केस दर्ज होने के बाद मृतक गोविंदा ठाकुर के आश्रित पिता बद्री नापित ने सारठ सीओ को आपदा के तहद सड़क दुर्घटना से बेटे की मौत का अनुग्रह राशि भुगतान का आवेदन दिया,बद्री नापित कहते है मौत के बाद सभी प्रकार के वांछित दस्तावेज के साथ आवेदन दिया, जांच के बाद अंचल कार्यालय द्वारा अभिलेख संख्या 04/2024-25 की मूल अभिलेख के साथ अनुग्रह राशि आश्रितों को भुगतान के लिये भूमि सुधार उप समाहर्ता को कार्यालय पत्रांक संख्या 989/रा दिनांक 24 दिसंबर 2024 को भेजा,परंतु आज तक भुगतान की स्वीकृति नही हुई,जबकि आपदा के तहद प्रभावित परिवार के आश्रितों को एक से तीन माह के अंदर भुगतान करने का प्रावधान है,वावजूद सरकारी कार्यालयों के बाबुओं की मनमर्जी के आगे पीड़ित परिवार का दर्द कोई मायने नही रखता.

क्या कहते है सीओ

मामले को लेकर अंचल अधिकारी कृष्ण चन्द्र सिंह ने मुंडा ने कहा दिसंबर 2024 को ही अंचल कार्यालय से मूल अभिलेख की स्वीकृति के लिए डीसीएलआर मधुपुर को भेजा गया है,अब तक स्वीकृति नही होने को लेकर जिला को पत्र भेजेंगे.

सीओ सारठ द्वारा भेजा गया पत्र | Prabhat Khabar Network

5 जून को विधायक भी डीसी को भेज चुके है पत्र

स्थानीय विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह भी प्रखण्ड अंतर्गत जितने भी आपदा प्रभावित परिवार के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान करने को लेकर डीसी को पत्र भेज चुके है,वावजूद 20 माह बीत जाने के बाद भुगतान नही होना समझ से परे है

विधायक | Prabhat Khabar Network




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लेखक के बारे में

By मिथिलेश सिन्हा

2001 से प्रभात खबर से जुड़ कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे हैं. विकास, लोगों की समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बेहतर कवरेज करते रहे हैं.

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