देवघर. राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के 16वें दिन शुक्रवार को भोर होते ही बाबानगरी पूरी तरह आस्था के रंग में रंग गयी. बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. प्रातः 4:21 बजे मंदिर के गर्भगृह का पट खुलते ही शिवभक्तों ने बाबा बैद्यनाथ पर पवित्र गंगाजल अर्पित करना शुरू कर दिया. पट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया रूट तक ‘बोल-बम’ और ‘बाबा बैद्यनाथ’ के जयघोष गूंजने लगे.
बीएड कॉलेज तक पहुंची कांवरियों की कतार
बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए तड़के सुबह से ही कांवरियों की लंबी कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी. हजारों की संख्या में शिवभक्त कतारबद्ध होकर अनुशासित तरीके से बाबा मंदिर की ओर बढ़ते रहे. जिला प्रशासन की ओर से की गयी व्यवस्था के तहत कांवरियों को रूट लाइन के माध्यम से मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है.
लंबी कतार के बावजूद कांवरियों में उत्साह बना रहा. हर तरफ भगवा वस्त्र पहने शिवभक्त और हाथों में कांवर लिये श्रद्धालु नजर आये. रूट लाइन में आगे बढ़ते कांवरियों के जयघोष से पूरा इलाका भक्तिमय बना रहा.
‘बोल-बम’ के जयघोष से गूंजती रही रूट लाइन
सुलतानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल बाबा नगरी पहुंचे कांवरियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. बीएड कॉलेज से लेकर बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर तक कांवरिया पथ लगातार ‘बोल-बम’ के जयघोष से गूंजता रहा.
कांवरियों के कदम बाबा के दरबार की ओर बढ़ते रहे और हर कुछ दूरी पर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बाबा बैद्यनाथ’ के जयकारे वातावरण में गूंज उठते रहे. इससे पूरी बाबानगरी का माहौल भक्तिमय नजर आया.
थकान पर भारी पड़ा बाबा के दर्शन का उत्साह
कई किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबाधाम पहुंचे कांवरियों के चेहरे पर यात्रा की थकान से अधिक बाबा के दर्शन और जलार्पण का उत्साह नजर आया. कतार में शामिल शिवभक्त भक्ति गीत गाते और बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे.
सुबह से ही श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा. कांवरियों की लंबी कतार, गूंजते जयघोष और बाबा के दरबार में जलार्पण को लेकर उत्साह ने बाबानगरी को पूरी तरह शिवमय कर दिया.
