Deoghar news : 17 मरीजों की कॉल पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें

08 एंबुलेंस चालकों और कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखने लगा है. बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन 108 एंबुलेंस कंट्रोल रूम में 17 कॉल आईं, लेकिन कोई भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी.

संवाददाता, देवघर : 108 एंबुलेंस चालकों और कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखने लगा है. बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन 108 एंबुलेंस कंट्रोल रूम में 17 कॉल आईं, लेकिन कोई भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी. इनमें से 12 कॉल गर्भवती महिलाओं की थीं, जिन्हें अस्पताल ले जाना था. सेवाएं ठप होने से मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा. आम लोगों की बढ़ती परेशानी के बीच प्रशासन ने सेवा बहाल करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन हड़ताल अब भी जारी है.

इधर, बुधवार को भी एंबुलेंस चालकों व कर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में 108 एंबुलेंस कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. साथ ही अपनी मांग पत्र सिविल सर्जन को सौंपा है. इसके बाद चालकों व कर्मियों ने बैठक के लिए आये स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव सह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज से मिल कर अपनी समस्याओं को रखते हुए मांग पत्र सौंपा, जिसे लेकर संयुक्त सचिव ने विभाग से काम पर लौटने का आदेश देते हुए विभाग और कंपनी से बात करने को बात कही. हालांकि एंबुलेंस चालकों की हड़ताल जारी है.

जिले के लोग निजी एंबुलेंस के भरोसे

108 एंबुलेंस के चालक व कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. जिले के लोगों की स्वास्थ्य चिकित्सा के लिए निजी एंबुलेंस और अन्य वाहनों के भरोसे ही चल रहा है. जानकारी अनुसार, जिला में 108 एंबुलेंस की संख्या 20 है, जो जिले भर के मरीजों को नि:शुल्क सुविधा देते हैं, जबकि सरकारी स्तर पर दो से तीन एंबुलेंस हैं, जो सरकारी कार्य में ही लग रहे हैं. ऐसे में जिले भर के मरीज निजी एंबुलेंस व वाहन के भरोसे ही हैं. विभाग के अनुसार 108 एंबुलेंस के कंट्रोल रूम में बुधवार की शाम तक 17 कॉल आयी थीं, जिनमें तीन बुखार के मरीज थे, वहीं 12 गर्भवती महिलाएं थीं, जिन्होंने अस्पताल पहुंचाने को लेकर कॉल किया गया था. जबकि दो रेफर मरीज थे जिन्हें धनबाद ले जाना था जिसे परिजनों ने निजी एंबुलेंस से धनबाद लेकर गये. कंट्रोल रूम से मरीजों के परिजनों को एंबुलेंस चालक व कर्मी के हड़ताल पर रहने की बात कही गयी.

क्या हैं मांगें

कंपनी की ओर से झारखंड सरकार की न्यूनतम मजदूरी दर देने, ज्वाइनिंग लेटर और आई कार्ड देने, बकाये पीएफ और इएसआइ के पैसे देने, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई की बकाया सैलरी का भुगतान करने आदि की मांगें शामिल हैं. मौके पर अध्यक्ष मुकेश पंडित, उपाध्यक्ष अभय कुमार, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, दिनेश कुमार, रामू कुमार, अजीत पंडित, सोनू कुमार, बिपीन कुमार, मनोज बाजपेयी, मिथुन दास, पंकज कुमार, रंजीत कुमार संतोष पंडित समेत अन्य थे.

हाइलाइट्स

108 एंबुलेंस के चालक और कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन जारी

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Author: RAJIV RANJAN

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