देवघर : डीसी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में बुधवार को डीएमएफटी प्रबंधकीय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व में स्वीकृत विभिन्न विकास योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी ली गयी.
राजस्व संग्रहण पर कड़ा निर्देश
बैठक में डीसी ने डीएमएफटी कलेक्शन की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया. संचालित सभी योजनाओं का व्यापक आकलन करते हुए संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को शेष कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.
एआई और साइबर सुरक्षा सेंटर को मंजूरी
डीएमएफटी क्षेत्र के युवाओं को रोजगारपरक और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआइ एंड साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग की स्थापना को मंजूरी दी गई. केंद्र के माध्यम से युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा.
48 स्कूलों में पेयजल और शौचालय
प्रभावित क्षेत्रों के 48 स्कूलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने तथा शौचालयों के नए निर्माण और मरम्मत कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सारठ, पालोजोरी और करौं ब्लॉक के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गयी.
चार संस्थानों में एमएनसीयू केंद्र
मातृ एवं शिशु सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सारठ, करौं और पालोजोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा देवघर सदर अस्पताल में मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) की स्थापना को मंजूरी दी गई. सदर अस्पताल डीएमएफटी क्षेत्र के लिए रेफरल अस्पताल के रूप में कार्य करता है.
कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी
बैठक में सारठ, पालोजोरी और करौं प्रखंडों के समग्र विकास के लिए कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी. इस दौरान पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता और डीएमएफटी की टीम उपस्थित थी.
