उर्दू को किसी धर्म विशेष से जोड़ना उचित नहीं: अध्यक्ष

मधुपुर के बावन बीघा स्थित एक निजी आवास में उर्दू विकास संघ की हुई बैठक

मधुपुर. शहर के बावन बीघा स्थित एक निजी आवास में उर्दू विकास संघ की बैठक बुधवार को आयोजित की गयी. बैठक में उपस्थित लोगों ने उर्दू के प्रचार-प्रसार के बारे में चर्चा की. इस अवसर पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि उर्दू का प्रचार-प्रसार तभी हो सकता है जब इसकी शुरुआत अपने घर से करें. इस भाषा को जन स्तर पर उजागर करना होगा. यह पूरे देश की भाषा है और इसे किसी धर्म विशेष से जोड़ना उचित नहीं है. वहीं, अरुण कुमार निर्झर ने कहा कि इस देश में कई भाषा बोली जाती है और ये भाषा हमारे देश की पहचान है. हम सभी को अपनी भाषा के विकास के लिए काम करना चाहिए. वहीं, अहसान जमील ने कहा कि उर्दू भाषा को लेकर जो भी समस्या है उन्हें सरकार के समक्ष उठाया जाना चाहिए. साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक उनका समाधान करने का प्रयास किया जाना चाहिए. उन्होंने मदरसा आलिम-फाजिल की डिग्री के संबंध में वर्तमान स्थिति पर कहा कि इस संबंध में मामला सरकार तक पहुंचाया जायेगा. ताकि सरकार हमारी समस्याओं का समाधान करें. वहीं, रजा मधुपुरी ने कहा कि समिति के लेटरहेड पर सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री सचिवालय को एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है. ताकि अंजुमन का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर अपनी समस्या रख सके. बैठक में अन्य लोगों से समिति बनाकर अपनी समस्या सरकार के समक्ष रखना चाहिए. जिससे जिम्मेदारी पर अपनी प्रक्रिया निर्धारित कर सकते हैं. मौके पर मुफ्ती सईद आलम, डॉ अंजार हुसैन, डॉ अजमल गुलजार तैमी आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : मधुपुर के बावन बीघा स्थित एक निजी आवास में उर्दू विकास संघ की हुई बैठक उर्दू विकास संघ की बैठक में प्रचार-प्रसार पर हुई चर्चा

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