देवघर : पीएचईडी की अोर से श्रावणी मेले को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अधीक्षण अभियंता(एसई) रघुनंदन शर्मा ने मेले की तैयारी की समीक्षा की. बैठक में अभियंताओं व कार्यरत एजेंसी से अलग-अलग सुझाव मांगे गये. एसई ने कहा कि श्रावणी मेला 2017 को मॉडल के रूप में पेश करना है. सरकार ने गैर योजना मद में 79 लाख की स्वीकृति तो दे दी है.
मगर योजना मद की राशि अब तक नहीं मिली है, जबकि उसका प्लान तैयार कर लिया गया है. इस साल कांवरिया पथ के आठ किलोमीटर क्षेत्र के प्रत्येक किलोमीटर की जिम्मेदारी अलग-अलग व्यक्ति को दी जायेगी. इससे कोई भी व्यक्ति अपनी जिम्मेवारी से भाग नहीं सकेगा. उन्होंने बताया कि कांवरिया पथ के आठ किमी के दायरे में 225 शौचालय व 221 स्नानागार पूर्व से बने हुए हैं. जबकि सोमनाथ से कलकतिया तक के ड्राई जोन को आसपास के जोरिया या बगल के डीप बोरिंग से जोड़ा जायेगा.
ताकि शौचालय में किसी तरह की परेशानी न हो. इसके अलावा 250 यूनिट बायो टॉयलेट के मरम्मत की तैयारी जल्द शुरू की जायेगी. इस साल शौचालय को लोहे के फ्रेम में सुरक्षित कसा जायेगा. ताकि कम से कम पानी की बर्बादी हो. 251 चापाकल मेला क्षेत्र में हैं, जिसमें से 45 में मोटर लगाकर यूनिट में पानी की आपूर्ति की जाती है. बैठक के दौरान कांवरिया पथ में कांवरियों व श्रद्धालुअों को राहत पहुंचाने के लिए बनने वाले इंद्र वर्षा का तीन तरह का मॉडल संवेदक नकुल पंडित को तैयार करने का निर्देश दिया गया. जिसमें से एक को फाइनल किया जायेगा. एसई ने बताया कि इस वर्ष एक नहीं दो एनजीअो को साफ-सफाई की जिम्मेवारी सौंपी जायेगी.
बैठक में उपस्थित थे : बैठक में कार्यपालक अभियंता राजेश रंजन, एसडीओ कपिलेश्वर पासवान, कनीय अभियंता अरूण कुमार, जिला समन्वयक सुजीत कुमार त्रिवेदी एवं अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे. इनके अलावा पिछले दो-तीन वर्षों में विभागीय संवेदक के तौर पर काम करने वाले संवेदक ललित सिंह, आशीष खवाड़े, नकुल पंडित, जोगेंद्र सिंह, दिलीप सिंह व कालमणि अोझा आदि से श्रावणी मेला में किये गये कार्यों के अनुभव शेयर किये गये. बैठक के दौरान एसई ने ग्रामीण क्षेत्र में की जा रही जलापूर्ति की समीक्षा की. इस दौरान नोडल पदाधिकारी ने अपने क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति के घर तक भ्रमण कर उनकी पेयजलापूर्ति समस्या को दूर करने का निर्देश दिया गया.
