उन्होंने इन घाटों का लीज जल्द से जल्द रद्द करने की मांग की तथा राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा. इस अवसर पर यमुना प्रसाद दास, पिंटू सिंह, सुबोध कुमार दास, संजय सिंह, बबलू बाउरी, अशोक बाउरी, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र मंडल, संजय दास, सोनू सिंह, ललन राय, अनिल कुमार सिन्हा, अर्जुन केवट, कल्याण सिंह, उपेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
सत्संग-भिरखीबाद सड़क किया साढ़े छह घंटे जाम
जसीडीह : अवैध रूप से बालू उठाव का विरोध करते हुए नदियों की लीज रद्द करने की मांग पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की है. उन्होंने शुक्रवार को सत्संग-भिखरीबाद मुख्य मार्ग को परमेश्वर चौक पर जाम कर दिया. अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान सुबह नौ बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक […]

जसीडीह : अवैध रूप से बालू उठाव का विरोध करते हुए नदियों की लीज रद्द करने की मांग पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की है. उन्होंने शुक्रवार को सत्संग-भिखरीबाद मुख्य मार्ग को परमेश्वर चौक पर जाम कर दिया. अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान सुबह नौ बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक सड़क जाम रहा. जाम से वाहनों की लंबी कतार लग गयी. इसके बाद धरनास्थल पर पहुंचे बीडीओ रजनीश कुमार और जसीडीह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो ने लोगों को डीसी से फोन पर बात कराया. डीसी ने कहा कि आपके द्वारा चिह्नित बालू घाटों की जांच की जायेगी तथा फिलहाल बालू का उठाव नहीं होगा. जाम के दौरान एक ओवरलोड ट्रक भी जब्त किया गया.
इसके बाद जाम हटाया गया. धरना का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता कुमार बिनोद ने कहा कि एनजीटी द्वारा देवघर सहित संताल परगना के सभी जिलों में बालू खनन कर रोक लगायी गयी है, बावजूद प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू बिहार व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है. जिससे अजय व जयंती नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. बालू माफिया प्रत्येक ट्रक मात्र चार सीएफटी का चालान दे रहे हैं, जबकि प्रति ट्रक आठ से दस टन ओवरलोड कर बालू भेज रहे हैं. इस कारण सड़कों कि स्थिति काफी खराब हो चुकी है. साथ ही कहा कि इसमें जिला परिवहन विभाग अपनी आंखें व कान बंद कर माफियाओं की मदद कर रही है.