देवघर : नगर निगम प्रबंधन की अोर से शहर में अवैध तरीके से चल रहे सभी मांस विक्रेताअों को नोटिस जारी कर दुकान बंद करने का निर्देश दिया है. इसके बाद शहर में मांस बिक्री पूरी तरह से बंद हो गयी है. इससे पूर्व निगम के सीइअो ने टैक्स दारोगा जयशंकर साह को नोडल पदाधिकारी नियुक्त करते हुए शहर में अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खाना व मांस बिक्री केंद्र को बंद कराने का निर्देश दिया था.
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में 27 मार्च को गृह विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान सचिव के स्तर से राज्य के सभी नगरपालिका व निगम के पदाधिकारियों को पत्र(पत्रांक 1639, दिनांक 27 वीं मांर्च) जारी कर यथाशीघ्र बूचड़खाना व अवैध मांस बिक्री केंद्र को बंद करने का निर्देश दिया गया था.
इस संबंध में निगम सूत्रों से जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में एक भी मांस बिक्री केंद्र ने अपने दुकान का निबंधन नहीं कराया है अौर न ही बिक्री के लिए लाइसेंस ही प्राप्त किया है. इस परिस्थिति में शहर में लगभग 50-55 मांस बिक्री करने वाले दुकानें बंद किये जाने को बाध्य हुई हैं. जबकि झारखंड नगर निगम मैनुअल-2011 के तहत प्रावधान है कि नगर निगम हो या नगर पालिका उसे मांस बिक्री करने को लेकर लाइसेंस जारी कर सकती है. मगर अब तक किसी भी बिक्रेता को लाइसेंस निर्गत न करना जहां खुद ही एक सवाल है.
वहीं लाइसेंस जारी न होने के कारण जहां आम लोग इस स्वाद से वंचित रहेंगे. वहीं दुकान का लाइसेंस जारी न होने से सरकार को मोटे राजस्व से हाथ धोना पड़ रहा है.
कहते हैं एसडीअो
इस संबंध में सक्षम पदाधिकारी नगर निगम है. सभी मांस विक्रेता अपने लाइसेंंस के संबंध में प्रक्रिया कब तक मिलेगी यह जानकारी नगर निगम में मिलेगी. इसके लिए निगम के नियमावली में जिक्र किया हुआ है.
सुधीर कुमार गुप्ता, एसडीअो, देवघर
