Deoghar news : 66 करोड़ खर्च व सात साल बीतने के बाद भी पूर्ण रूप से चालू नहीं हो पायी शहरी जलापूर्ति योजना

मधुपुर शहरी जलापूर्ति योजना पूर्ण रूप से चालू नहीं हो पायी है. वहीं 66 करोड़ की योजना बढ़कर 100 करोड़ तक पहुंच गयी है. फिलहाल जोन- टू में करीब दो हजार घरों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है.

मधुपुर . गर्मी शुरु होते ही पेयजल आपूर्ति की किल्लत शुरु हो गयी है. 66 करोड़ से बन रही मधुपुर की शहरी जलापूर्ति योजना अब पूर्ण रूप से चालू नहीं हो पायी है. जबकि योजना पर पिछले सात सालों से काम चल रहा है. गर्मी बढ़ने के कारण लोग पानी के लिए परेशान है. शहरी क्षेत्र के कई मुहल्ला ड्राइ जोन के रूप में चिह्नित है, जहां लोगो को पीने के पानी के लिए भी भारी मशक्कत करना पड़ रहा है. मधुपुर जलापूर्ति योजना का शिलान्यास 2019 में किया गया था. शहरी क्षेत्र को जोन एक व जोन दो में बांटकर योजना पर काम प्रारंभ हुआ था. प्रारंभ में यह योजना 66 करोड़ की थी, जो अब बढ़कर करीब 100 करोड़ की हो चुकी है. लेकिन अभी तक शहर की 20 प्रतिशत आबादी को भी पानी नहीं मिल पा रहा है. एकरारनामा के अनुसार 24 माह में योजना का काम पूर्ण कर घर- घर जलापूर्ति प्रारंभ कर दिया जाना था. लेकिन समय पर योजना पूर्ण नहीं हुई. कई बार योजना को पूर्ण करने के लिए समय विस्तार लिया गया, जो वर्ष 2024 में समाप्त हो गया. लेकिन योजनाएं अब भी पूरी नहीं हो पायी है.

निर्मित टंकी से पानी रिसाव के कारण गुणवत्ता पर उठे रहे सवाल

बताया जाता है कि जोन एक में जयंती नदी के चेतनारी घाट से पानी लाकर शहर के पंचमंदिर में बनाये गये दो टंकी के माध्यम से शहर के मुख्य इलाके में पानी की आपूर्ति करनी थी, जो अब तक चालू नहीं हुआ है. जबकि जोन दो में पतरो नदी के मोहनपुर घाट से पानी की आपूर्ति करनी है. इसके लिए डाकबंगला के निकट टंकी बनायी गयी है. जोन-टू का उद्घाटन मंत्री हफीजुल हसन ने 22 सितंबर 2024 को किया. बताया जाता है कि इसके बाद अब तब करीब दो हजार घरों में पानी की आपूर्ति सुबह- शाम होती है. लेकिन यह पानी पीने लायक नहीं है. क्योंकि यह फिल्टर किया हुआ पानी नहीं है. बल्कि नदी से सीधे गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है. इसके अलावा डाकबंगला के पास बनायी गयी टंकी से पानी लगातार रिस रहा है, जिसको लेकर टंकी की गुणवत्ता पर भी लोग सवाल कर रहे है. इसके अलावा शहरी क्षेत्र में जहां- तहां पाइप में लिकेज हो रहा है और आये दिन सड़क को उखाड़ कर इसकी मरम्मत की जा रही है, जिसके कारण सड़क भी दोबारा जर्जर हो रहा है. पूर्व में भी पाइप लाइन बिछाने के दौरान शहर के अधिकतर सड़कों को तोड़ दिया गया है.

योजना से 74 किमी पाइप लाइन बिछाने का होना है काम

विदित हो कि फिलहाल 66 करोड़ की योजना में 74 किमी पाइप लाइन बिछानी थी. इसके बाद भी कई वार्डो में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन नहीं पहुंची. इसके बाद दोबारा प्राक्कलन तैयार कर करीब 39 किमी पाइप लाइन बिछाकर छूटे हुए वार्डो को जोड़ना था. इस तरह योजना की लागत बढ़कर करीब 100 करोड़ पहुंच गयी. बताया जाता है कि मधुपुर शहरी क्षेत्र में 11 हजार 500 होल्डिंग है. इसके अलावा करीब 5300 होल्डिंग प्रधानमंत्री आवास के है. कुल 16 हजार से अधिक घरों में पानी की आपूर्ति होनी है. लेकिन अभी तक सिर्फ दो हजार घरों में ही गंदे पानी की आपूर्ति जब तब की जाती है. इससे योजना लक्ष्य के अनुरूप सफल होता नहीं दिख रहा है. मिली जानकारी के अनुसार उक्त योजना का काम जुड़को के माध्यम से गुजरात की एक एजेंसी के द्वारा कराया जा रहा है.

॰तकरीबन 16 हजार घरों में होनी है पानी की आपूर्ति

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: BALRAM

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >