देवघर: भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर एडवाइजरी कमेटी का गठन करने फैसला लिया है. केंद्रीय राज्य मंत्री केएच मुनियप्पा ने मंत्रलय की ओर से सकरुलर जारी कर दिया है. इसके तहत अब जिला स्तरीय एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन स्थानीय सांसद होंगे. स्थानीय सांसद के चेयरमैनशिप में 30 सदस्यीय कमेटी बनेगी. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि बेरोजगारों को रोजगार के लिए ऋण योजना का लाभ मिल सके. लाभुकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो. अब यह कमेटी मार्गदर्शन देगी और प्रोग्राम के इंप्लीमेंटेशन पर नजर रखेगी.
ज्ञात हो कि पीएमइजीपी के तहत 25 लाख तक का लोन दिया जाता है. 10 लाख तक के लोन के लिए कोई सिक्यूरिटी राशि नहीं देनी होती है. इस ऋण के एवज में लाभुक को सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है. इससे बेरोजगार आत्मनिर्भर हो सकेंगे.
कौन-कौन होंगे सदस्य
चेयरमैन सांसद, को-चेयरमैन अन्य एमपी(जिनके लोकसभा क्षेत्र का कुछ भाग उक्त जिले में पड़ता है), राज्यसभा सांसद-सदस्य, जिले के सभी एमएलए-सदस्य, जिला परिषद चेयरमैन-सदस्य, जिला परिषद सीइओ या अन्य सेम रैंक के अफसर-सदस्य, एससी/एसटी/अल्पसंख्यक में से एक प्रतिनिधि(चेयरमैन सबों की सहमति से मनोनीत करेंगे), एक सामाजिक कार्य/सामाजिक विज्ञान के जानकार एक प्रोफेसनल(डीसी मनोनीत करेंगे), लीड बैंक मैनेजर सहित बैंक/वित्त संस्थान के तीन प्रतिनिधि,स्टेट खादी बोर्ड के प्रतिनिधि, जीएम डीआइसी, केवीआइसी के डिवीजनल डायरेक्टर(स्टेट).
