बच्चों के निवाले के प्रति प्रशासन है लापरवाह

देवघर: बिहार में मध्याह्न् भोजन में बरती गयी लापरवाही का नतीजा से सभी वाकिफ हैं. आये दिन सुनने को मिलता है कि मध्याह्न् भोजन में छिपकली मिली, कीड़े मिले. बिहार में जबरदस्त मूवमेंट हुआ, लोगों ने आंदोलन किये. इस आरोप में प्रधानाध्यापक जेल भेजे गये. लेकिन बिहार की घटना से झारखंड की सरकार व तमाम […]

देवघर: बिहार में मध्याह्न् भोजन में बरती गयी लापरवाही का नतीजा से सभी वाकिफ हैं. आये दिन सुनने को मिलता है कि मध्याह्न् भोजन में छिपकली मिली, कीड़े मिले. बिहार में जबरदस्त मूवमेंट हुआ, लोगों ने आंदोलन किये. इस आरोप में प्रधानाध्यापक जेल भेजे गये.

लेकिन बिहार की घटना से झारखंड की सरकार व तमाम जिला प्रशासन सीख नहीं ले रहे हैं. देवघर जिले की बात करें तो यहां 910 स्कूल ऐसे हैं जहां किचन शेड नहीं है. आज भी खुले आसमान के नीचे स्कूल की माता समिति मध्याह्न् भोजन बनाती हैं.

झारखंड के विभिन्न जिले से भी अक्सर खबरें आ रही है कि मध्याह्न् भोजन में कीड़ा-मकोड़ा, छिपकली मिला या विषाक्त भोजन खाने से बच्चे बीमार पड़े. लेकिन सरकार और उनके मातहत अधिकारियों को बच्चों के निवाले के रख-रखाव की तनिक भी चिंता नहीं है. उपरोक्त स्कूलों में पेड़ों के नीचे भोजन बनता है या स्कूल के बरामदे पर. इस मामले में सरकार की ओर से कोई कमी नहीं है.

सरकार की ओर से देवघर के 910 स्कूलों में किचन शेड बनाने के लिए 17.50 करोड़ का आवंटन पिछले एक साल से दे रखा है. लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण उक्त राशि का उपयोग नहीं हो पाया है.कीचन शेड के लिए राशि अभी तक ग्राम शिक्षा समिति या स्कूल प्रबंधन के खाते में ट्रांसफर तक नहीं हुआ है. देवघर जिले में किचन शेड निर्माण योजना की हवा निकल गयी है. अधिकारी बच्चों के निवाले के प्रति लापरवाह हैं.

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