वरीय संवाददाता, देवघर: आर मित्रा जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस), देवघर के 50 एनसीसी कैडेट्स ने गिरिडीह स्थित झारखंड की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ पर शैक्षणिक भ्रमण के साथ साहसिक माउंटेन ट्रैकिंग की. भारती एयरटेल फाउंडेशन के प्रायोजन में आयोजित इस विशेष अभियान को जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार की अनुमति से आयोजित किया गया.
तड़के 3:35 बजे शुरू हुई चढ़ाई
अभियान के तहत देवघर से रवाना हुआ एनसीसी कैडेट्स का दल 20 सितंबर को तड़के 3:35 बजे पारसनाथ की चढ़ाई के लिए रवाना हुआ. कठिन और चुनौतीपूर्ण रास्तों से गुजरते हुए कैडेट्स ने करीब दोपहर 1 बजे तक ट्रैकिंग पूरी की.
घने जंगलों और पथरीले रास्तों के बीच कैडेट्स ने पर्वतीय भूगोल, जैव-विविधता और वन संरक्षण से जुड़े पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा. इस दौरान दल ने प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र मधुबन मंदिर के भी दर्शन किये.
साहस के साथ प्रकृति को समझने का मिला मौका
ट्रैकिंग अभियान के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाये जाने वाले विषयों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला. कठिन चढ़ाई के बीच कैडेट्स ने टीम भावना और अनुशासन के साथ अभियान पूरा किया.
आयोजन के दौरान प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझाया गया. पर्वतीय क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और वहां मौजूद जैव-विविधता को करीब से देखने का अवसर कैडेट्स के लिए विशेष अनुभव रहा.
एएनओ के नेतृत्व में पूरा हुआ अभियान
भारती एयरटेल फाउंडेशन के हीरा पाठक के मार्गदर्शन और रवींद्र महतो के सहयोग से अभियान संपन्न हुआ. कैडेट्स का नेतृत्व विद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) अरविंद राज जजवाड़े ने किया. उनके साथ शिक्षक श्रीकांत जायसवाल और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे.
रात 8 बजे सभी कैडेट्स सुरक्षित विद्यालय लौटे, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया.
प्राचार्य ने बताया विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव
भारती एयरटेल फाउंडेशन के हीरा पाठक ने सफल आयोजन के लिए विद्यालय के प्राचार्य विमलेश कुमार पंकज को बधाई दी.
प्राचार्य विमलेश कुमार पंकज ने कहा कि इस तरह के साहसिक अभियान विद्यार्थियों में अदम्य साहस, टीम भावना और प्रकृति के प्रति जुड़ाव विकसित करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
