दिखायी थाली, मांगा भोजन

सारठ बाजार: सरकारी स्कूलों का ग्राफ बढ़े, गुणवत्ता युक्त शिक्षा सभी को मिले इसके लिए शिक्षा विभाग हर साल करोड़ों खर्च करती है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में आज भी वर्चस्व की लड़ाई को लेकर विवाद का खामियाजा इन व्यवस्थाओं को प्रभावित करती है व स्कूली छात्र/छात्राओं को मध्याह्न् भोजन से वंचित होना पड़ता […]

सारठ बाजार: सरकारी स्कूलों का ग्राफ बढ़े, गुणवत्ता युक्त शिक्षा सभी को मिले इसके लिए शिक्षा विभाग हर साल करोड़ों खर्च करती है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में आज भी वर्चस्व की लड़ाई को लेकर विवाद का खामियाजा इन व्यवस्थाओं को प्रभावित करती है व स्कूली छात्र/छात्राओं को मध्याह्न् भोजन से वंचित होना पड़ता है.

प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुरुमटांड़ में अध्यक्ष को लेकर उभरे विवाद के कारण पिछले पांच माह से एमडीएम बंद है. जिससे बच्चों की उपस्थिति में बेतहाशा गिरावट आयी है. वर्तमान में विद्यालय में नामांकित 192 में महज 22 बच्चे स्कूल आते हैं. जबकि स्कूल में अभी परीक्षा चल रही है.

गुरुवार को ग्राम प्रधान छातो मंडल, ग्रामीण गाजर्न मंडल, नागेश्वर मंडल, रमेश मंडल, बाबूराम बास्की, सोमलाल मरांडी, डुगू मरांडी, बाबूजन बेसरा, फूलमनी मंङिायाइन, राजा हांसदा, नुनेश्वर हांसदा, शिवा मरांडी आदि ने कहा कि विद्यालय में शुरू से ही विवाद हो रहा है. पहले आठ साल तक दिलीप सोरेन यहां ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष रहे. कभी विद्यालय के व्यवस्था को सुधारने का पहल नहीं हुआ, अव्यवस्था देख ग्रामीणों ने 13 मई 2013 को मुखिया, ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्यों की उपस्थिति में दिलीप सोरेन को हटा कर सर्वसम्मति से हरि हेंब्रम को अध्यक्ष बनाया गया. मगर बीआरसी से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण एमडीएम की राशि व चावल का उठाव नहीं हो पाया व पांच माह से एमडीएम बंद है़ विदित हो कि यह विद्यालय आदिवासी बाहुल्य गांवों में आता है. वहीं गोपलारायडीह, जमुनियांटांड, बगदाहा, नयाटांड, झगराही, चक नवाडीह आदि गांव भी इसी स्कूल के क्षेत्र में आते हैं.

‘‘पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्राम सभा गर अध्यक्ष चयन की स्वीकृति को लेकर कई बार बीआरसी को पत्र लिखा गया. मगर सुनवाई नहीं हुई.

अमरेश कुमार सिन्हा, प्रधानाध्यापक ‘‘एमडीएम बंद होना गंभीर मामला है. स्वयं विद्यालय जा कर जांच करेंगे. दोषियों पर कार्रवाई होगी.

अमित कुमार, बीडीओ

‘‘जो भी दोषी हैं कार्रवाई की जायेगी.

सुधांशु शेखर मेहता, डीएसइ

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