60 हजार बीड़ी मजदूरों को रहने को घर नहीं

जसीडीह: झारखंड बीड़ी मजदूर पंचायत के बैनर सैकड़ों श्रमिकों ने बुधवार को देवघर अंचल कार्यालय के समक्ष चार सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झारखंड बीड़ी मजदूर पंचायत देवघर के अध्यक्ष अनिरूद्ध आजाद ने कहा कि जिले में करीब 60 हजार बीड़ी मजदूर हैं. जिनको रहने के लिए घर नहीं […]

जसीडीह: झारखंड बीड़ी मजदूर पंचायत के बैनर सैकड़ों श्रमिकों ने बुधवार को देवघर अंचल कार्यालय के समक्ष चार सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झारखंड बीड़ी मजदूर पंचायत देवघर के अध्यक्ष अनिरूद्ध आजाद ने कहा कि जिले में करीब 60 हजार बीड़ी मजदूर हैं. जिनको रहने के लिए घर नहीं हैं.

अधिकतर मजदूर प्लास्टिक, फूस व मिट्टी के घर में परिवार के साथ जैसे-तैसे रह कर जी रहे हैं. उन्होंने कहा कि गरीब घर मांगते हैं तो नहीं मिलता है और भारत सरकार के उच्च पद पर विराजमान व्यक्ति जब देवघर आये तो छह घंटा में छह करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया. इतना ही नहीं वरीय अधिकारी के बाथरूम बनाने में एक लाख से अधिक की राशि खर्च की जा रही है और गरीब बीड़ी मजदूर को घर बनाने के लिए चालीस हजार रुपये दिया जा रहा है.

क्या है मांगें
श्री आजाद ने सीओ के माध्यम से डीसी को चार सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए मांग किया कि 9 फरवरी 2008 के डीसी की अध्यक्षता लिये गये निर्णय को लागू कर सभी बीड़ी मजदूरों को बैंक से पांच हजार रुपये कर्ज शीघ्र दें या पांच हजार अग्रिम जमा करने के शर्त को समाप्त करें. सभी बीड़ी मजदूरों को लाल कार्ड देकर बीपीएल सूची में नाम चढ़ाया जाय. बीड़ी मजदूरों का न्यूनतम मजदूरी एक सौ पचास रुपये किया जाय एवं आवास की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाय. इस अवसर पर जामुन दास, सुशीला देवी, नुरेशा बीबी, सरस्वती देवी, सविता देवी, सिया देवी, विराज देवी, भगीया देवी, शिला देवी सहित सैकड़ों बीड़ी मजदूर थे.

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