देवघर: समाज में रहने वाले लोगों को कानूनी सहायता पाना उनका संवैधानिक अधिकार है.न्याय पाने से कोई भी मानव वंचित नहीं रहे और न आर्थिक कठिनाइयां बाधक बने, इसके लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तैयार है. राज्य में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ( झालसा) और जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की स्थापना की गयी है. इसका उद्देश्य सबों को न्याय दिलाना है.
उक्त बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने देवघर लॉ कॉलेज में आयोजित मानव अधिकार विषय पर आयोजित लीगल लिट्रेसी क्लास में कही. उन्होंने कहा कि कानूनी सेवा के तहत कोर्ट फी मुहैया कराना, असक्षम बंदियों को वकील मुहैया कराना, बंदियों को उनके मामलों की सुनवाई में मौका देना आदि प्रावधान हैं.
मानवाधिकार पर फोकस करते हुए कहा कि मानव हैं तो उन्हें जीने का अधिकार भी संविधान में दिया गया है. प्रधान जिला जज ने लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों को कहा कि इस अभियान को जन जन तक पहुंचायें. इस अवसर पर रजिस्ट्रार सह न्यायिक दंडाधिकारी एमसी नारायण ने कहा कि कानूनी जागरूकता लाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में इस तरह के कार्यक्रम किये जा रहे हैं. डालसा के सचिव डीसी मिश्र ने लोक अदालत के माध्यम से मामलों को सुलझाने पर बल दिया जबकि कॉलेज के प्राचार्य डा सीताराम सिंह ने कहा कि इसे सफल बनाना सबका ध्येय है.
आगत अतिथियों का स्वागत व्याख्याता हलधर सिंह ने किया. इस अवसर पर व्याख्याता नीरज कुमार सिन्हा, एडवोकेट एफ मरीक आदि ने विचार रखे. मंच संचालन कुलदीप कुमार मिश्र ने किया. कार्यक्रम में लॉ कॉलेज के विद्यार्थी काफी संख्या में शरीक हुए.
