देवघर: झारखंड बीड़ी मजदूर पंचायत के बैनर तले बीड़ी बनाने वाली सैकड़ों महिलाओं ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद की. सूचना भवन के निकट अवस्थित बरगद वृक्ष के नीचे दूर दराज से आयीं महिलाओं ने अपनी भागीदारी दिखायी तथा प्रशासन के रवैये के विरोध में नारे लगाये. विशेष तौर पर हवाई अड्डा निर्माण होने वाले गांवों की महिलाएं शामिल हुई. सबों का कहना था कि पहले हमें आवास दो, तभी बनने देंगे एयरपोर्ट. तख्तियों में अपने अधिकारों संबंधी स्लोगन लिख कर नारे लगा रहीं थीं.
महिला बीड़ी मजदूरों का जत्था कचहरी कैंपस होते हुए समाहरणालय तक आया जहां पर जिला प्रशासन के रवैये के खिलाफ लोगों ने बारी-बारी से विचार रखे. पंचायत के अध्यक्ष अनिरुद्ध आजाद ने कहा कि बीड़ी मजदूर विगत 30 साल से एक आशियाने कि लिए लड़ रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. उन्होंने कहा कि जिले में 60 हजार बीड़ी मजदूर है जिनमें से 80 प्रतिशत को अपने सर छुपाने की जगह नहीं है. पॉलिथीन का छप्पर बना कर जीवन गुजार रहीं हैं. महीने में 10 दिन चूल्हा नहीं जलता है. इस धरना प्रदर्शन के माध्यम से चार सूत्री मांगों का ज्ञापन डीसी को सौंपा गया.
जो थे धरना में शामिल
इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आयी महिला बीड़ी मजदूरों के अलावा अध्यक्ष श्री आजाद, बुद्धन बौद्ध, सचिव हंसराज दास, शंकर दास, संतोष दास,मेमना खातून, माधुरी देवी, कमल राउत, बालेश्वर दास, शरीफ अंसारी, हजारा बीवी, मनोहर मंडल आदि थे.
