राम कथा के सातवें दिन कपिल मुनि ने कहा

फोटो दिनकर के फोल्डर में राम के नाम से रिनेम कैप्सन : प्रवचन करते रामायणाचार्य कपिल मुनि, कथा का श्रवण करते श्रोता-आज रावण वध पर डालेंगे प्रकाश -उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़संवाददाता, देवघरभगवान से प्रेम व भक्ति करने से भक्त को अपना लेते हैं. यह ज्ञान प्राप्त होते ही शबरी भगवान राम के अनन्य […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 23, 2015 12:06 AM

फोटो दिनकर के फोल्डर में राम के नाम से रिनेम कैप्सन : प्रवचन करते रामायणाचार्य कपिल मुनि, कथा का श्रवण करते श्रोता-आज रावण वध पर डालेंगे प्रकाश -उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़संवाददाता, देवघरभगवान से प्रेम व भक्ति करने से भक्त को अपना लेते हैं. यह ज्ञान प्राप्त होते ही शबरी भगवान राम के अनन्य भक्त बन गयी. उक्त बातें संगीतमय राम कथा के सातवें दिन रामायणाचार्य कपिल मुनि ने कही. बीएड कॉलेज परिसर में आयोजित राम कथा में नवधा भक्ति पर प्रवचन दिये. उन्होंने कहा कि मतंग ऋषि के कहने पर शबरी को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. इससे पहले छठे दिन कुसंगति पर प्रवचन दिये थे. उन्होंने कहा था कि अपनी दासी मंथरा की कुसंगति से कैकई की बुद्धि परिवर्तित होकर पथ भ्रष्ट हो गयी थी. वह स्वार्थ के बस में हो जाती है. इससे अपयश का भागी हो गयी. उन्हीं के कारण भगवान राम को 14 वर्षों तक वनवास हो जाता है. जानकी जी को पति प्रेम व लक्ष्मण को भातृ प्रेम के कारण वन जाना पड़ता है. केवट को प्रभु राम के चरण कमल से अतिश्य प्रेम है. उसका चरण कमल धोकर उद्धार हो जाता है. भरत जी प्रभु राम के वनवास जाने से दु:खी होकर पूरे समाज सहित चित्रकूट जाकर लौट आने की प्रार्थना करते हैं. प्रभु राम भरत को धर्म एवं सत्य का ज्ञान देकर लौटा देते हैं. भरत जी चरण पादुका के साथ नंदीग्राम में निवासकर आज्ञा लेकर राज-काज करते हैं. मौके पर अध्यक्ष आरपीएम पुरी, महामंत्री सुरेश प्रसाद सिंह, श्याम किशोर सिंह, जगदीश सिंह, डा मोती लाल द्वारी, शाह अब्दुल कादिर इकबॉल, डा नागेश्वर शर्मा, उमेश प्रसाद सिंह, गिरीश प्रसाद सिंह, बलराम सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अंजनि कुमार मिश्रा, केके मालवीय, ओम प्रकाश मिश्रा, जय नारायण ठाकुर, रीता चौरसिया, बबीता सिंह, शारदा सिंह, अर्चना सिंह, नीरा मिश्रा आदि उपस्थित थे.