बालू उठाव व ट्रैक्टर के आवागमन से बेंगी घाट बन गया कीचड़ का तालाब

देवघर : अजय नदी के दर्जन भर घाटों से बेतहाशा बालू उठाव के कारण नदी की प्राकृतिक छवि बदल गयी है. अजय नदी के बेंगी घाट से बालू माफियाओं द्वारा लगातार बालू उठाव किये जाने तथा रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर नदी में चलने से नदी पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है. बालू तो पूरी […]

देवघर : अजय नदी के दर्जन भर घाटों से बेतहाशा बालू उठाव के कारण नदी की प्राकृतिक छवि बदल गयी है. अजय नदी के बेंगी घाट से बालू माफियाओं द्वारा लगातार बालू उठाव किये जाने तथा रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर नदी में चलने से नदी पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है. बालू तो पूरी निकल चुका है, अब केवल इस घाट में कीचड़ ही बच गया है.

लगातार ट्रैक्टर के परिचालन से बेंगी घाट के ठीक किनारे जलस्तर इतना नीचे गिर गया है कि जमीन पर बड़े-बड़े घास उग आये हैं. बेंगी घाट से बालू उठाव कर खिजुरिया, सलूरायडीह व गौरीपुर होते हुए शहर की ओर खपाया जा रहा है. यही स्थिति अजय नदी के खिरौंदा व दोरही घाट की है.
अजय नदी के खिरौंदा घाट, ब्रहमपुरा घाट, दोरही घाट से हर माह 20 हजार ट्रैक्टर बालू का अवैध उठाव हो रहा है. इन घाटों से रोजाना 600 ट्रैक्टर बालू उठाया जा रहा है, जिसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने वाले बिल्डर व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को सप्लाई किया जा रहा है.
खनन पदाधिकारी राजेश कुमार द्वारा सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने वाले बिल्डर व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के कार्यालय से गिरिडीह का बालू चालान जब्त किये जाने के बाद अब देवीपुर व जसीडीह में सरकारी प्रोजेक्ट में बालू सप्लाई करने वाली कंपनी को नोटिस भेजकर स्टॉक व उपयोग किये गये बालू का चालान मांगा है. जिले में सबसे अधिक मधुपुर के बालू माफिया द्वारा फर्जी चालान पर बालू कंपनी को दिया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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