देवघर : बाबा मंदिर में करीब आधा दर्जन कर्मियों की जगह उनके परिजन काम कर रहे हैं. यही नहीं, इसके बदले उन्हें बैंक खाते में वेतन भी दिया जा रहा है. यह प्रक्रिया करीब चार वर्षों से चल रही है. इतना ही नहीं, कुछ कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, पर महीनों से उनके खाते में वेतन जा रहा है.
उपायुक्त नैंसी सहाय की ओर से पूरे मामले का उद्भेदन होते ही मंदिर कर्मियों में हड़कंप मच गया है. कई कर्मियों की नौकरी खतरे में पड़ गयी है. डीसी नैंसी सहाय ने एसडीओ सह मंदिर प्रभारी विशाल सागर को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
पूर्व के निर्णयों पर उठाये सवाल
सूचना है कि मंदिर में कई निर्णय श्राइन बोर्ड की अनुमति के बिना ही ले लिये गये थे. कुछ मामलों में काम करने के बाद श्राइन बोर्ड के पास फाइल भेजी गयी थी. पहली बार डीसी नैंसी सहाय व एसडीओ विशाल सागर ने मामले को गंभीरता से लिया है.
उन्होंने पूर्व के कुछ निर्णयों पर सवाल भी उठाये हैं.
क्या है नियम : किसी कर्मी के बीमार या काम करने में असमर्थ होने पर उसे वीआरएस देने की प्रावधान है. उसकी जगह पर अनट्रेंड कर्मी काम नहीं कर सकता है. नियम के पालन नहीं करने से मंदिर में वैधानिक संकट पैदा हो सकता है.
अब कहां जायेंगे कर्मी : इन कर्मियों का कहना है कि वे लोग लगभग चार साल से काम कर रहे हैं. हटाये जाने के बाद अब कहां जायेंगे. सभी ने तत्कालीन मंदिर प्रभारी अंजनी दुबे को आवेदन देकर काम करने के विषय में सूचित भी किया था. उस समय कोई जवाब नहीं मिला.
करीब आधा दर्जन मामले सामने आये
कुछ रिटायर कर्मियों को भी वेतन
कौन किसकी जगह कर रहा काम : राम सिंह की जगह पर पुत्र गणेश सिंह, लालमणि देवी की जगह पर पुत्र सुधीर मिश्रा, कुंती देवी के जगह पर पुत्र गोपी तुरी, सजनी देवी की जगह पुत्र छोटू तुरी सेवा देते पाये गये हैं.
बैठक में कई कर्मियों की जगह उनके परिजनों द्वारा काम करने का मामला सामने आया है. यह मंदिर में नियुक्ति घोटाला है. रिटायर्ड कर्मी का भी वेतन उठता रहा है. सारा काम देखने का दायित्व मंदिर प्रबंधक का था. फिलहाल सभी का नाम मूल रजिस्टर से हटा कर अलग रजिस्टर बनाने को कहा गया है. मामले की जांच कर नियुक्ति घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.
– विशाल सागर, एसडीओ सह मंदिर प्रभारी
