देवघर : सरकारी व प्राइवेट बैंकों से लोन लेकर नहीं चुकाने वाले कुल 600 ऋणधारकों को सर्टिफिकेट ऑफिस से नोटिस भेजा गया है. इसमें पीएमआरवाइ, पीएमइजीपी, केसीसी, मुद्रा लोन समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं से ऋण लेने वालों का नाम शामिल है.
नीलाम पत्र पदाधिकारी द्वारा भेजे गये नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया कि आपके द्वारा लिये गये ऋण को नहीं चुकाने पर बैंक द्वारा केस दर्ज कराया गया है, ऋण की राशि नहीं चुकाने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया जायेगा. ऋणधारकों में 40,000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक है.
नीलाम पत्र पदाधिकारी के अनुसार इन 600 ऋणधारकों का बैंक खाता एनपीए होने पर बैंक प्रबंधकों ने सर्टिफिकेट ऑफिसर के कोर्ट में सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया है. कोर्ट से पहले इन लोगों के खिलाफ नोटिस देकर निर्धारित तिथि में समझौता का अवसर भी दिया गया था, बावजूद समझौता नहीं हुआ.
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कोर्ट से इश्तेहार व कुर्की जब्ती का प्रावधान किया गया है. इसमें कई 15 से 25 वर्ष से पुराने ऋणधारक हैं. मालूम हो कि इससे पहले तीन करोड़ रुपये बकाया रहने पर 361 कर्जदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है.
पांच सदस्यीय टीम करेगी ग्रेन बैंक में गड़बड़ी की जांच
देवघर. सहकारिता विभाग से संचालित देवघर ग्रेन बैंक में गड़बड़ियों की जांच पांच सदस्यीय कमेटी करेगी. सहयोग समितियां के निबंधक ने 19 अगस्त को दिये आदेश में संशोधन करते हुए कहा है कि वरुण कुमार द्वारा ग्रेन बैंक में कार्यरत पूर्व अवैतनिक मंत्री जयप्रकाश नारायण सिंह व रविंद्र शर्मा के विरुद्ध लोकायुक्त कार्यालय में परिवाद दायर किया गया है, इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है.
कमेटी में वेजफेड के एमडी सुरेंद्र सिंह, सहायक निबंधक सूर्य प्रताप सिंह, संजय कुमार, बिनोद कुमार, प्रह्लाद भगत शामिल है. जांच कमेटी 15 सितंबर तक सभी बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट सौंप देनी है, इस दौरान परिवादी का भी पक्ष रखने का मौका दिया जायेगा. 30 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी.
