देवघर : बरसात के दिनों में मनरेगा में मैटेरियल का फंड नहीं रहने से योजना धीमी पड़ गयी है. पिछले चार माह से मनरेगा में मैटेरियल का फंड नहीं है. इस वजह से पशु शेड, बकरी शेड व कुआं का निर्माण बाधित है. बरसात से पहले खोदे गये 150 कुआं का निर्माण की जोड़ाई कार्य नहीं हो पाया है. दो दर्जन कच्चे कुएं की जोड़ाई नहीं होने से बारिश में धंस चुका है.
पशु शेड व बकरी शेड अधूरा है. मजदूरी मद में पिछले 15 दिनों से फंड की कमी रहने से जल शक्ति अभियान के तहत खोदे गये ट्रेंच कटिंग का भुगतान नहीं हो रहा है. अगर समय पर भुगतान नहीं हुआ तो योजनाएं अधर में लटक जायेंगी. मनरेगा में मैटेरियल मद में दस करोड़ रुपये बकाया है.
मैटेरियल मद में पैसा नहीं रहने से ईंट, बोल्डर व सीमेंट की खरीदारी नहीं हो पा रही है. सबसे अधिक मोहनपुर, देवीपुर व सारठ प्रखंड में बकाया है. राज्य स्तर से ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को मैटेरियल मद में भुगतान का प्रस्ताव कई बार भेजा है, लेकिन केंद्र सरकार से अब तक जिलों को फंड मुहैया नहीं कराया है. मैटेरियल मद में ईंट, बोल्डर व सीमेंट की खरीदारी नहीं हो पायी है.
