देवघर : बुधवार को सावन के पहले दिन संक्राति को लेकर बाबा मंदिर में विल्व पत्र प्रदर्शनी लगायी गयी. इसी के साथ अब श्रावण मास के सभी सोमवारी के अलावा अंतिम संक्रांति पर प्रदर्शनी लगाने के बाद संपन्न होगा. पहले संक्रांति पर काली मंदिर में जरनेल व छोटा जरनेल समाज की ओर से, आनंद भैरव […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
देवघर : बुधवार को सावन के पहले दिन संक्राति को लेकर बाबा मंदिर में विल्व पत्र प्रदर्शनी लगायी गयी. इसी के साथ अब श्रावण मास के सभी सोमवारी के अलावा अंतिम संक्रांति पर प्रदर्शनी लगाने के बाद संपन्न होगा.
पहले संक्रांति पर काली मंदिर में जरनेल व छोटा जरनेल समाज की ओर से, आनंद भैरव मंदिर में मनोकामना राधेश्याम समाज के दो दलों की ओर से राम मंदिर में राजराम विल्वपत्र समाज की ओर से व लक्ष्मीनारयाण मंदिर में मशानी सामज के दो दल व शांती अखाड़ा समाज की ओर से अनोखे पहाड़ी विल्वपत्र की प्रदर्शनी लगायी गयी. प्रदर्शनी को देखने के लिये भारी संख्या में लोग जुटे .
अरघा हटा कर हुई विल्व पत्र पूजा : चली आ रही परंपरा अनुसार बाबा मंदिर में रात आठ बजे से साढ़ आठ बजे तक आम कांवरियों के जलार्पण को रोक कर विल्वपत्र पूजा का अयोजन हुआ. इस पूजा में आधे घंटे के लिये अरघा को हटाया गया. इस पूजा में केवल पुरोहित समाज के लोग शामिल हुए. समाज के लोगों को गर्भ गृह तक जाने के लिये बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन के रास्ते का उपयोग करने की सुविधा है.