असामाजिक तत्व शिवगंगा में फेंक रहे हैं दारू का बोतल
10.84 करोड़ की योजना बनी शोभा की वस्तु
देवघर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में इस बार भी बाबाधाम आये श्रद्धालुओं को गंदे पानी में डुबकी लगाना होगा. शिवगंगा की सफाई में लगे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पिछले दो माह से मामूली खर्च के अभाव में बंद है. दरअसल, शिवगंगा तालाब का जलस्तर घटने के कारण पानी साफ करने के लिए लगाया गया प्लांट का पाइप पानी से ऊपर आ गया है.
वह शिवगंगा से पानी खींच नहीं पा रहा है. इससे पानी की सफाई बंद है. इससे मामूली खर्च में पाइप जोड़ का चालू किया जा सकता है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. ऐसे में शिवगंगा का पानी लगातार दूषित हो रहा है. शिवगंगा घट के चारों ओर मिट्टी व काई जम गया है. इतना ही नहीं इसके पूर्वी दिशा में जलकुंभी तेजी से फैल रहा है. इसकी मॉनिटरिंग करनेवाला कोई नहीं है.
नगर विकास विभाग की योजना फेल :
नगर विकास विभाग की ओर से 10.84 करोड़ की प्राक्कलित राशि से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया था. उस समय अमृतसर तालाब की तरह साफ पानी होने की घोषणा की गयी थी. वह बाबा के भक्तों के लिए सपना ही रह गया. यह योजना धरातल पर फेल होते दिख रही है.
