शौचालय, पीएम आवास, राशन कार्ड का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से कर रहे साइबर ठगी
देवघर : फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन कर लोगों से बैंक डिटेल्स व एटीएम पिन नंबर लेकर साइबर ठगी करने वालों ने लोगों को झांसा देने व ठगी करने का तरीका बदल लिया है. फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी को अधिकांश लोग जान चुके हैं. अब साइबर ठगों का गिरोह शौचालय, प्रधानमंत्री आवास व […]
देवघर : फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन कर लोगों से बैंक डिटेल्स व एटीएम पिन नंबर लेकर साइबर ठगी करने वालों ने लोगों को झांसा देने व ठगी करने का तरीका बदल लिया है. फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी को अधिकांश लोग जान चुके हैं. अब साइबर ठगों का गिरोह शौचालय, प्रधानमंत्री आवास व राशन कार्ड बनाने के नाम पर फोन के जरिये लोगों से बैंक डिटेल्स प्राप्त कर उनके बैंक खाते से पैसा निकाला रहा है.
साइबर ठग संबंधित विभाग का फर्जी ऑफिसर बनकर किसी भी नंबरों पर पहले फोन करते हैं, उसके बाद उनको कहा जाता है कि आपका पीएम आवास व शौचालय स्वीकृत हो चुका है, आप अपना बैंक खाता नंबर, आधार नंबर व एटीएम का पिन नंबर दीजिये, विभाग से सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेज दिये जायेंगे. एटीएम का पिन नंबर वेरीफिकेशन के नाम पर मांगा जाता है.
बैंक डिटेल्स लेते ही साइबर ठग उनके खाते से पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर कर लेते हैं. फोन पर अगर कोई व्यक्ति बोल दिया कि उन्हें शौचालय, पीएम आवास व राशन कार्ड जैसी योजनाएं मिल चुकी है, तो फिर ठग उनके परिवारों की संख्या पूछते हैं. अगर परिवार की संख्या दो से अधिक हुई, तो कहा जाता है उन्हें भी इन योजनाओं का लाभ अलग से दिया जायेगा व फिर बैंक डिटेल्स ले लिया जाता है.
सरकारी रिकॉर्ड से लिया जाता है फोन नंबर, फिर किया जाता है कॉल
साइबर ठगों का गिरोह सरकार की अलग-अलग वेबसाइट में सर्च कर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का फोन नंबर इकठ्ठा करता है व एक-एक कर फोन नंबर पर फोन कर अपने जाल में फंसा रहा है. साइबर ठगी का यह नया तरीका मोहनपुर थाना क्षेत्र के घोरमारा, लतासारे, बांक, जगतपुर, चितरपोका, तीरनगर, मोहना कनाली, कोठिया जनाकी, कल्होड़िया, जोगिया, खरगडीहा, जमुआ व कटवल गांवों के साइबर ठगों द्वारा अपनाया जा रहा है.
क्लोनिंग में घोरमारा का लालू है मास्टरमाइंड
साइबर ठगी के नये तरीके की ट्रेनिंग घोरमारा के लालू उर्फ रोहन राज द्वारा गिरोह के सदस्यों को दी जा रही है. पुलिस एटीएम क्लोनिंग में मास्टर माइंड इस लालू की तलाश में कई बार छापेमारी कर चुकी है. पिछले दिनों लालू से पूछताछ भी की गयी थी, लेकिन वह पुलिस के चुंगल से भाग निकला था.
इसके अलावा घोरमारा के टुनटुन, पप्पू, सौरभ, रिंकू, तरुण, अजय समेत जगतपुर के चंदन व लतासारे के दीपक समेत लालू के दोस्त देवघर शहर निवासी अमित व बसंत को भी पुलिस खाेज रही है. मोहनाकनाली के पप्पू, कोठिया जनाकी के पिंटु समेत आमगाछी गांव के साइबर ठगों को भी पुलिस खोज रही है. आमगाछी में पिछले दिनों डीएसपी की छापेमारी में साइबर ठगी में शामिल चार युवक छत से कूदकर भाग गये थे, इसमें एक का पैर भी टूट गया था, सभी इन दिनों गांव में लौट कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा है.
सारठ: टीम गठित कर साइबर अपराधियों के संपत्ति की जांच शुरू
सारठ : थाना के नया खरना गांव के विभिन्न साइबर मामलों में आरोपी व इसमें संदिग्ध रहने वाले नामजद आरापितों की चल अचल संपत्ति की जांच शुरू हो गयी है. सीओ साकेत कुमार सिन्हा ने सभी को नोटिस जारी कर चल अचल संपत्ति की ब्यारो से संबंधित कागजात की मांग की है. सीओ की नोटिस मिलने के बाद साइबर आरोपितों में हड़कंप मचा हुआ है.
मामले को लेकर बताया कि सारठ क्षेत्र में बढ़ते साइबर आरोपितों को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी ने सीओ समेत आला अधिकारियों को साइबर अपराध पर अंकुश लगाने को लेकर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में साइबर अपराध में संंदिग्ध रहने वालों की सूची तैयार कर संपत्ति जांच कराने को लेकर पत्र भेजा था.
जिसमें बताया गया कि साइबर अपराध के जरिये जमीन व 50 लाख से एक करोड़ तक का पक्का का मकान बहुत कम समय में बनाया है. रिपोर्ट के आलोक में सीओ ने जांच शुरू कर दी. बताया गया कि सीओ की ओर से संपत्ति जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस द्वारा गलत तरीके से अर्जित संपत्ति की जब्ती को लेकर इडी को भेजा जायेगा.
इन साइबर आरोपितों को सीओ ने भेजी नोटिस
अकलेश दास, बबलू दास, मुकेश दास, रंजीत दास, लालजी मेहरा, भागीरथ दास, संतोष दास, बुलेट दास, दीपक कुमार दास, अजीत मेहरा,, हेमलाल दास, शीशू मेहरा, दिलीप मेहरा, रबी रजवार, दिनेश दास, विवेक दास, श्रीनाथ दास, सुभाष दास, संजय दास, खेतू मेहरा, प्रमोद मेहरा, मुचकुन मेहरा, बबलू मेहरा, अनुज मेहरा, मिथुन मेहरा, सेजय दास, श्रीनाथ दास, संजय दास, अखलेश दास, पप्पू दास, बास्की महरा शामिल है.
आकलन करने के लिए अभियंताओं की टीम गठित कर किया जायेगा : सीओ
सीओ साकेत कुमार सिन्हा ने कहा कि नयाखरना आरोपितों को नोटिस देकर चल व अचल संपति से संबंधित कागजात की मांग की थी. जिसके बाद लगभग 25 आरोपितों ने कागजात जमा किया है. कागजात को प्रथम दृष्टया में देखने से प्रतित होता है न आरापितों ने गलत फोटो दिया है.
तथा तथ्य को छुपाने की नीयत से कागजातों से छेड़छाड़ किया गया है. कहा कि जल्द ही साइबर आरापितों की चल व अचल संपति की जांच को लेकर कर्मचारी, अमीन व अभियंताओं की पांच सदस्यी टीम गठित किया जायेगा, ताकि पक्के के मकान का वर्तमान बाजार दर से आकलन किया जा सके. रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही भेजा जायेगा. ताकि साइबर अपराध पर नकेल कसा जा सके.
