परली नहीं बाबा बैद्यनाथधाम ही है असली द्वादश ज्योतिर्लिंग

परली बैद्यनाथ के ट्रस्टी शास्त्रार्थ से पीछे हटे देवघर : बाबाधाम के बाबा ही असली द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं. सोमनाथ में आयोजित सोमनाथ महोत्सव समिति ने मान्यता दे दी है. इसके साथ ही वर्षों से चल रहा विवाद समाप्त हो गयी है. पंडा धर्मरक्षिणी सभा के टीम के सामने परली बैद्यनाथ की टीम टिक नहीं पायी. […]

परली बैद्यनाथ के ट्रस्टी शास्त्रार्थ से पीछे हटे

देवघर : बाबाधाम के बाबा ही असली द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं. सोमनाथ में आयोजित सोमनाथ महोत्सव समिति ने मान्यता दे दी है. इसके साथ ही वर्षों से चल रहा विवाद समाप्त हो गयी है. पंडा धर्मरक्षिणी सभा के टीम के सामने परली बैद्यनाथ की टीम टिक नहीं पायी. सभा की ओर से परली बैद्यनाथ की टीम को शास्त्रार्थ करने की चुनौती दी गयी, तो वह पीछे हट गयी.
द्वादश ज्योतिर्लिंग महोत्सव में देवघर के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है. पंडा धर्मरक्षिणी सभा पूरी तैयारी करके गयी थी. वह अपने साथ आधा दर्जन पंडितों को लेकर गयी थी. परली बैद्यनाथ के ट्रस्टी को जानकारी मिलते ही हार से बचने के लिए शास्त्रार्थ से पीछे हटने में होशियारी समझी. इस संबंध में महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने बताया कि महोत्सव के पहले ही दिन बड़ी खुशखबरी मिली. महोत्सव में आयोजक ने बाबाधाम के बाबा को ही असली द्वादश ज्योतिर्लिंग माना है. परली के बाबा को नहीं माना है.
बाबाधाम के तीर्थपुरोहितों को ही बाबा के रथ पर सवारी करने की अनुमति मिली. वहां हर जगहों के बाबा की पूजा संबंधित जगह के तीर्थपुरोहितों को सौंपा गया था. पंडा धर्मरक्षिणी टीम ने बाबा के पार्थिव मूर्ति की पूजा की. श्री ठाकुर ने कहा कि कैलेंडर में 12 ज्योतिर्लिंग का नाम है. इसमें बाबा बैद्यनाथ का भी नाम शामिल है, लेकिन तसवीर नहीं है.
मुख्य ट्रस्टी केशु भाई पटेल से मिल कर अपना विरोध दर्ज कराया. उन्होंने सुधारने का आश्वासन दिया है. देवघर से पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष प्रो डाॅ सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर, मंत्री अरुणानंद झा, डाॅ मोती लाल द्वारी, डाॅ विद्याधर झा, डाॅ नरेंद्र नाथ ठाकुर, डाॅ राजेंद्र झा आदि मुख्य रूप से हिस्सा लेने गये हैं.

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