बाबा परिहस्त सहित तीन नामजद गिरफ्तार, मनी की तलाश में छापेमारी

देवघर: चंदन मठपति हत्याकांड के तीन आरोपित बाबा परिहस्त, गौरव नरौने व राहुल मिश्र को पुलिस ने धर दबोचा है. वहीं एक आरोपित मनी परिहस्त की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है. बताया जाता है कि बाबा सहित इन तीनों आरोपित को जामताड़ा स्टेशन के आगे एक हॉल्ट के समीप से दबोचा गया है. […]

देवघर: चंदन मठपति हत्याकांड के तीन आरोपित बाबा परिहस्त, गौरव नरौने व राहुल मिश्र को पुलिस ने धर दबोचा है. वहीं एक आरोपित मनी परिहस्त की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है. बताया जाता है कि बाबा सहित इन तीनों आरोपित को जामताड़ा स्टेशन के आगे एक हॉल्ट के समीप से दबोचा गया है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपित कोलकाता की तरफ से आ रहे थे. हालांकि इस संबंध में देवघर पुलिस के कोई अधिकारी फिलहाल कुछ भी जानकारी देने से बच रहे हैं. गिरफ्तारी के बाद पुलिस वालों ने पहले तो उन सभी की जम कर खातिरदारी की. फिर बाद में उनकी निशानदेही पर मनी की तलाश में कई जगह छापेमारी भी की. नगर इंस्पेक्टर अरविंद उपाध्याय व थाना प्रभारी एनडी राय व अन्य पुलिस कर्मी तीनों नामजदों को लेकर घटनास्थल पहुंचे.

किस तरह से घटना को अंजाम दिया था, उसकी जानकारी ली. फिर तीनों को परेड कराते हुए पुलिस नगर थाना लेकर पहुंची. पिछले कई दिनों से देवघर पुलिस चंदन मठपति हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिये सघन छापेमारी में जुटी थी. मंगलवार को बिलासी स्थित एक खटाल में भी छापेमारी की गयी थी.

मनी परिहस्त की है तलाश

हत्याकांड के आखिरी नामजद मनी परिहस्त की पुलिस को तलाश है. इस बाबत नगर थाना इंस्पेक्टर अरविंद उपाध्याय व थाना प्रभारी एनडी राय ने बाबा परिहस्त सहित अन्य को लेकर मंदिर मोड़ स्थित मनी परिहस्त के घर व बिलासी स्थित उक्त खटाल भी गये. जहां सभी नामजदों के शरण लेने की बातें सामने आ रही थी. मगर पुलिस को चौथा नामजद कहीं नहीं मिला. घटना के एक आरोपित सोनू उर्फ चम्मे परिहस्त को घटना के दूसरे दिन ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

गिरफ्तारी को लेकर चलाया था सघन अभियान

घटना के बाद सोनू उर्फ चम्मे की गिरफ्तारी से उत्साहित पुलिस ने शहर के कई इलाकों व आसपास के शहरों में सघन छापेमारी अभियान चलाया था. मगर पुलिस को कहीं से किसी तरह की कोई सफलता हाथ न मिलने पर निराश पुलिस लगातार कानूनी प्रक्रि या के तहत अनुसंधान में आगे बढ़ते गयी. पहले वारंट तामिला. उसके बाद नामजद आरोपितों के घर बारी-बारी से कुर्की- जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गयी. फिर भी नामजद आरोपित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहे थे.

मोबाइल लोकेशन से पुलिस के हाथ चढ़े

नतीजतन नामजदों के हर गतिविधि पर पुलिस की नजर थी. सूत्रों के अनुसार, अंतत: पुलिस को बाबा के मोबाइल सीडीआर से पश्चिम बंगाल में रहने तथा 15-20 दिनों के अंतराल के बाद देवघर में मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी. बाबा के मोबाइल से जिसको कॉल आता था. उस पर भी पुलिस की निगरानी थी. इस क्रम में पुलिस ने कइयों से पूछताछ की थी. हालांकि पुलिस को उसमें कुछ हाथ नहीं लग पाया था. इसी आधार पर पुलिस ने बीते दो रातों से लगातार मंदिर व उसके आसपास बिलासी समेत अन्य इलाके में अपनी गतिविधि बढ़ा दी थी.

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