तारामंडल पर ग्रहण, थ्री-डी थियेटर भी बंद

देवघर: देवघर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी प्रसिद्ध है. यहां हर वर्ष तकरीबन 50 लाख से अधिक श्रद्धालु/पर्यटक आते हैं. लेकिन देवघर जिला प्रशासन मनोरंजन के साधन तक डेवलप नहीं कर पाया है. यहां मनोरंजन का कोई साधन नहीं होने के कारण पर्यटन स्थलों पर लोगों का झुकाव नहीं हो रहा है. ऐसा नहीं […]

देवघर: देवघर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी प्रसिद्ध है. यहां हर वर्ष तकरीबन 50 लाख से अधिक श्रद्धालु/पर्यटक आते हैं. लेकिन देवघर जिला प्रशासन मनोरंजन के साधन तक डेवलप नहीं कर पाया है. यहां मनोरंजन का कोई साधन नहीं होने के कारण पर्यटन स्थलों पर लोगों का झुकाव नहीं हो रहा है.

ऐसा नहीं है कि योजनाएं देवघर में नहीं आयी. कई बड़ी योजनाएं आयी जैसे तारा मंडल, साइंस लाइब्रेरी, लाइट एंड साउंड सिस्टम, थ्री-डी थियेटर आदि. लेकिन लगभग सभी योजनाओं की नींव तो रखी गयी लेकिन आज तक पूरी नहीं हो सकी. इनमें से कई योजनाएं तो दस साल पुरानी है. तारा मंडल और साइंस लाइब्रेरी का काम तो दस साल पहले ही शुरू हुआ था लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण योजनाएं आज तक अधूरी हैं.

तारामंडल निर्माण पर ग्रहण

नंदन पहाड़ के सौंदर्यीकरण व पर्यटकों को लुभाने के लिए शिल्पग्राम व तारामंडल का निर्माण करवाया जा रहा था, लेकिन फंड नहीं मिल पाने की वजह से आज तक इस योजना पर ग्रहण लगा है. तारामंडल निर्माण मद में भवन बनाने के लिए 67 लाख चार हजार रुपये आया था, जिससे भवन का आधा हिस्सा बना है, जबकि इस मद में 15 लाख राज्य सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से मिलना था, जो कि अभी तक नहीं मिला है. इसी प्रकार तारामंडल के यंत्र आदि की खरीद के लिए छह करोड़ रुपये केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग को राशि मुहैया कराना था. वह भी अभी तक नहीं मिला है.

साइंस लाइब्रेरी भवन भी अधूरा

यहां निर्मित साइंस लाइब्रेरी का भवन भी अधूरा है. जितना बना है, उसका भी उपयोग नहीं हो पाया है, अभी तक वह खाली है. विभागीय जानकारी के मुताबिक यह भी फंड के अभाव में चालू नहीं हो पाया है. इसे तारामंडल से जोड़कर ही बनाया जा रहा था. ताकि पर्यटक तारामंडल देखने के बाद साइंस लाइब्रेरी में अपनी जिज्ञासा को शांत कर सकें.

थ्री-डी थियेटर में लटका ताला

शिल्पग्राम में पर्यटकों और बच्चों के लिए थ्री-डी थियेटर का निर्माण करवाया गया था. लेकिन कुछ ही महीने बाद यह थियेटर बंद हो गया. क्योंकि उसका थ्री-डी फिल्म दिखाने वाला कैमरा ही खराब हो गया. चूंकि यह उस वक्त गारंटी पीरियड में था. जब कैमरा मुहैया कराने वाली कंपनी के कागजात से उसका फोन नंबर और पता निकाला गया तो वह पता ही फरजी निकला और तो और उसका पैन नंबर तक फरजी निकला था. इस कारण वह कैमरा आज तक ठीक नहीं हो सका. नतीजा है कि आज तक वह बंद पड़ा है.

लाइट एंड साउंड सिस्टम भी अब तक चालू नहीं

शिल्पग्राम में लाइट एंड साउंड सिस्टम का भी काम पूरा नहीं हुआ है. कंपनी की ओर से कहा गया था कि इस श्रवणी मेले में पर्यटक/श्रद्धालु लाइट एंड साउंड सिस्टम का आनंद उठा पायेंगे, लेकिन काम की गति देखकर लगता नहीं है कि यह चालू हो पायेगा. इस तरह पुरानी योजनाओं को जिला प्रशासन पूरा करवाने के प्रति गंभीर नहीं है तो नयी योजनाओं का क्या हश्र होगा.

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