देवघर : कास्टर टाउन बावनबीघा तीन नंबर फांड़ी निवासी राजू साह की 14 वर्षीय पुत्री पिंकी कुमारी की मौत का मामला अब उलझ गया है. मामले में सदर अस्पताल के डॉक्टर सही हैं या नगर थाने की पुलिस झूठी. पुलिस के अनुसार, मंजू की मौत तीन नवंबर 2016 को हुई थी. उसकी लाश पुलिस ने रात्रि 8:20 बजे बरामद कर पंचनामा किया था और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा था.
मृतका के पिता राजू के बयान पर चार नवंबर 2016 को नगर थाने में यूडी कांड का दर्ज हुआ था, जिसमें जिक्र है कि घर का दरवाजा बंद कर पिंकी ने फांसी लगा ली थी. मामले की सूचना पर मुहल्ले के लोग व नगर पुलिस पहुंची थी. उस वक्त वार्ड पार्षद के पति संतोष साह की मौजूदगी में नगर पुलिस ने दरवाजा तोड़ कर पिंकी की लाश फांसी के फंदे से उतारी थी.
उसके गले में दाग भी मिला था. पिंकी की लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल के डॉ सुनील कुमार ने किया था. उन्होंने पीएम रिपोर्ट में लिखा है कि पिंकी की मौत गला दबाने व उससे दम घुटने से हुई थी. 24 से 36 घंटे पूर्व पिंकी का गला दबा था. तबादला होने के बाद डॉ सुनील वर्तमान में गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी में कार्यरत हैं.
इसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यूडी कांड के आइओ एएसआइ धनंजय कुमार सिंह ने पिंकी की हत्या की एफआइआर उसके माता-पिता पर ही नगर थाने में दर्ज करा दी है. एएसआइ धनंजय कुंडा थाने में कार्यरत हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट पांच नवंबर 2016 की ही तिथि से जारी हुआ है, लेकिन पीएम रिपोर्ट कांड के आइओ ने डेढ़ साल बाद सदर अस्पताल से रिसिव किया और पिंकी की हत्या की एफआइआर दो साल बाद नगर थाने में दर्ज करायी गयी है.
