फसल बीमा का नहीं मिला पैसा, पूंजी डूबने के कगार पर

देवघर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत धान की फसलों का बीमा कराने में शुरुआती दौर पर किसानों ने रुचि नहीं दिखायी थी, लेकिन अब तक कम बारिश नहीं से किसानों ने फसल बीमा कराना शुरू किया है. वहीं पिछले वर्ष 2017-18 में जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें क्षति-पूर्ति का लाभ […]

देवघर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत धान की फसलों का बीमा कराने में शुरुआती दौर पर किसानों ने रुचि नहीं दिखायी थी, लेकिन अब तक कम बारिश नहीं से किसानों ने फसल बीमा कराना शुरू किया है.
वहीं पिछले वर्ष 2017-18 में जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें क्षति-पूर्ति का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है. किसानों पर अब दोहरी मार पड़ने जा रही है. पिछले वर्ष के फसल बीमा का पैसा बकाया रह गया, अब जो भी पूंजी थी उसे बिचड़ा डालने में खर्च कर दिया, बारिश नहीं होने से यह पूंजी भी डूबने के कगार पर है. किसानों ने फसल बीमा की राशि भुगतान करने के लिए अधिकारी से लेकर सरकार तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन भुगतान का रास्ता साफ नहीं हुआ.
पिछले वर्ष फसल बीमा में धान की प्रीमियम राशि 420 रुपये प्रति एकड़ व बीमित राशि 21,000 रुपये थी. 2017-18 में पीएम फसल बीमा योजना के मापदंडों के अनुसार 20 जुलाई 2017 तक 20 फीसदी से कम रोपनी हुई है, तो बीमा राशि का 25 फीसदी भुगतान किसानों को कर दिया जाना था. देवघर में धान के 20 फीसदी अाच्छादन की रिपोर्ट भी बीमा कंपनी को भेज दी गयी, बावजूद भुगतान नहीं हुआ.
चार मई 2018 को डीसी ने जिले में कुल 7005 हेक्टेयर भूमि में 20 जुलाई से पहले धान के फसलों के रोपनी की रिपोर्ट सरकार को भेजी थी, लेकिन सरकार के पास भुगतान से संबंधित फाइलें धूल फांक रही हैं. अब किसानों की उम्मीदेंटूटने लगी है.

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