मधुपुर : अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक कुमार की अदालत ने साइबर अपराध में संलिप्तता के अलग-अलग दो मामलों में विकास यादव व पंकज कुमार दास को ढाई वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई. स्पीडी ट्रायल कर दोनों को सजा सुनाई गयी. बताया जाता है कि सारठ थाना कांड संख्या 344/15 […]
मधुपुर : अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक कुमार की अदालत ने साइबर अपराध में संलिप्तता के अलग-अलग दो मामलों में विकास यादव व पंकज कुमार दास को ढाई वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई. स्पीडी ट्रायल कर दोनों को सजा सुनाई गयी. बताया जाता है कि सारठ थाना कांड संख्या 344/15 दिनांक 28 दिसंबर 15 में उबिया निवासी विकास यादव आरोपित था.
वहीं सारठ थाना कांड संख्या 332/15 दिनांक 14 दिसंबर 15 मामले में चक्रमा निवासी पंकज कुमार दास आरोपित था. इस मामले में पुलिस ने दिसंबर 17 स्पीडी ट्रायल कराया. दोनों पक्षों से सुनवाई के बाद एसडीजेएम ने दोनों आरोपितों को दोषी पाते हुए ढाई साल की सजा सुनायी है. इसके अलावा पांच हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.
पुलिस की मेहनत रंग लायी
साइबर अपराध में काफी समय में सजा सुनाये जाने के बाद एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि दोनों अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल कराया गया. जिले में साइबर अपराध में सजा सुनाये जाने का पहला मामला है. दोनों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गयी है. एसपी ने इस कांड में त्वरित कार्रवाई के लिए तत्कालीन अनुसंधान कर्ता, मधुपुर के एपीपी व एसडीपीओ को प्रशस्ति पत्र देने को कहा है.