असली ज्योतिर्लिंग देवघर में ही है पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने भी कहा
देवघर : पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि असली ज्योतिर्लिंग देवघर में स्थापित है. इसमें कोई विरोधाभास नहीं है. इनके दर्शन भर से परली के ज्योतिर्लिंग के दर्शन हो जाते हैं. इनका धार्मिक और एेतिहासिक प्रमाण भी है, जो यह साबित करता है कि देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक […]
देवघर : पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि असली ज्योतिर्लिंग देवघर में स्थापित है. इसमें कोई विरोधाभास नहीं है. इनके दर्शन भर से परली के ज्योतिर्लिंग के दर्शन हो जाते हैं. इनका धार्मिक और एेतिहासिक प्रमाण भी है, जो यह साबित करता है कि देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ का है. शंकराचार्य पटना के आशियाना नगर फेज वन में धर्म, अध्यात्म व राष्ट्र विषय पर आयोजित गोष्ठी में शामिल होने आये थे.
भक्तों के सवालों पर उन्होंने कहा : असली ज्योतिर्लिंग देवघर में स्थापित है. इसे ज्योतिर्लिंग की सूची से हटाने की साजिश की गयी है. यह साजिश महाराष्ट्र के बीड जिलेे के परली वैद्यनाथ मंदिर से की गयी है, जो बीते जनवरी में आयोजित शैव महाेत्सव से शुरू हुअा है. इसी तरह की साजिश रच कर देवघर के असली ज्योतिर्लिंग को झुठलाया नहीं जा सकता है.
आज हजारीबाग में
20 को रांची में
हजारीबाग. शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती रविवार को हजारीबाग पहुंचेंगे. केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के डेमोटांड़ स्थित ऋषभ वाटिका में रुकेंगे. शंकराचार्य दोपहर 1.45 बजे हजारीबाग पहुंचेंगे. दिन के 2.30 से पांच बजे तक ऋषभ वाटिका में विश्राम करेंगे. शाम 5.30 से 7.30 बजे गोष्ठी में शामिल होंगे. 19 फरवरी को जयंत सिन्हा के आवास में गोष्ठी होगी. शाम को कटकमसांडी में यज्ञ में शामिल होंगे. 20 फरवरी को रांची के लिए प्रस्थान करेंगे.