बंजर थी जमीन, अब उपज रही चार फसल

सारठ बाजार : एक ओर नौजवान व बेरोजगार काम की तलाश में शहरों की खाक छानते हैं, वहीं सारठ प्रखंड के कई नौजवानों व किसानों ने गांव में अपनी मेहनत व लगन की बदौलत खेती से तकदीर बदल दी है. उनके खेत सोना उपजा रहे हैं. आराजोरी पंचायत के महतोवा जरकाही गांव के किसान विभूति […]

सारठ बाजार : एक ओर नौजवान व बेरोजगार काम की तलाश में शहरों की खाक छानते हैं, वहीं सारठ प्रखंड के कई नौजवानों व किसानों ने गांव में अपनी मेहनत व लगन की बदौलत खेती से तकदीर बदल दी है. उनके खेत सोना उपजा रहे हैं. आराजोरी पंचायत के महतोवा जरकाही गांव के किसान विभूति सिंह, सहदेव सिंह, विवेका नंद सिंह, भूदेव सिंह, चुनचुन सिंह, मणिकांत सिंह, विजय सिंह आदि ने गांव की बंजर भूमि पर गेहूं, मकई, सरसों आदि की खेती कर आमदनी में इजाफा कर रहे हैं. बंजर भूमि पर हरियाली ला कर ये किसान दूसरों के लिये भी प्रेरणा स्रोत बन गये हैं.

किसान चुनचुन सिंह ने बताया कि बीए की पढ़ाई कर जब उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली तो खेती शुरू की. बताया कि महतोवा जरकाही मौजा 70 बीघे का है, जिसमें 50 बीघे में मकई, गेहूं सरसों आदि की फसल लगायी है. कहा कि यह पहले लोग सिर्फ धान की खेती करते थे, लेकिन अभी गांव में चार फसल उपज रही है. ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा सिंचाई कूप से पटवन करते हैं. गर्मी के मौसम में अजय नदी में गड्डा कर पंप सेट लगाकर पटवन करते हैं. इस कारण पटवन में परेशानी होती है. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह कृषि मंत्री रणधीर सिंह से पटवन की व्यवस्था कराने की मांग की है.

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