वीरबल दासजी का 18वां वार्षिकोत्सव
देवघर : श्री वीरबल दास सेवा मंडल देवघर सिंधी पंचायत के तत्वावधान में वीरबल दास जी का 18वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर वीरवल दास जी महाराज देवघर पधारे. वह दिन के 12 बजे अपने भक्तों के साथ सरस कुंज गये. वहां अनाथ बच्चों व वृद्धों से मिले. उन्हें आशीर्वाद स्वरूप उपहार दिये. जैन मंदिर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. सात लोगों ने रक्तदान किया. मौके पर शिवरानी कुमार सिंह, डॉ अनिल कुमार मौजूद थे.
शाम में महाराज जी ने प्रवचन दिये. उन्होंने श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की जीवन लीला के संस्करणों को सुनाते हुए आदर्श जीवन के उदाहरण देते हुए आधुनिक युग के कंप्यूटर एवं मोबाइल फोन से होनेवाले खतरों से अवगत कराये. खेलकूद का महत्व समझाते हुए बच्चों में खेलकूद एवं स्वास्थ्य सुधार के तरीके पर भी प्रकाश डाला. अंत में प्रभु की महाआरती के उपरांत प्रसाद से कार्यक्रम की समाप्ति हुई. कार्यक्रम को सफल बनाने में कालु हरनानी, सूरज राजपाल, जीतेश राजपाल, अजीत हरनानी, कैलाश कुमार, बंटी राजपाल आदि ने सराहनीय भूमिका निभायी.
मौके पर भजन संध्या कार्यक्रम का हुआ आयोजन
जैन मंदिर में भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें देवघर के प्रसिद्ध गायक मनोज-अजीत ने एक से बढ़ कर एक भजन प्रस्तुत कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया. कार्यक्रम का शुभारंभ गायक द्वय ने गणेश वंदना म्हारा अंगना आओ जी गजानन मेहर करो.., से की. इसके बाद भजनों की झड़ी लगा दी. उनके द्वारा प्रस्तुत ओ मेरे सइयां रहमते पाइंया..,
ख्वाब देखा जो पूरा मेरा हो गया.., घर आयो मेरे साई जी.., आये हैं आये हैं आये हैं साई जी हमारे घर.., ढबरा वाले साई को मेरा प्रणाम.., साई नाम लेके झुमुं नाचुं गाऊं.., मंगल गाओ आज मेरे घर साईं आये रे.., भजनों को श्रोताओं ने खूब पसंद किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में की बोर्ड पर मोहन धर केशरी, ढोलक पर राजन, तबला पर कैलाश व ऑक्टोपेड पर राजेश कुमार ने सराहनीय भूमिका निभायी.
