देवघर : कुष्ठाश्रम अस्पताल के समीप लाखों की लागत से बना सिविल सर्जन व चार डॉक्टर क्वार्टर बेकार पड़ा हुआ है. निर्माण के बाद से ही इन सरकारी भवनों में ताला बंद है. आज तक कभी इन भवनों में कोई नहीं रहे.
इस प्रकार कह सकते हैं कि जनता के पैसे की इससे बड़ी बरबादी और कुछ नहीं हो सकती. इस संबंध में सीएस कार्यालय से पता करने पर जानकारी मिली कि वर्ष 2004-05 में जिला परिषद निधि से उक्त सभी सरकारी आवास का निर्माण कराया गया था. बनकर तैयार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया, किंतु उक्त भवनों में पानी का कोई बंदोबस्त भी नहीं कराया गया और सुरक्षा के लिये चहारदीवारी भी नहीं करायी गयी थी. ऐसे में उन भवनों में कभी कोई नहीं रहे.
इन भवनों में हुई जनता के पैसे की बरबादी के पीछे कौन जिम्मेवार हैं, यह तो जिला परिषद व स्वास्थ्य विभाग ही बता सकता है. इन भवनों का हाल ऐसा है कि बंद पड़े हालत में यह जर्जर हो चला है. 65 लाख की लागत से दोनों आवास का निर्माण किया गया है
