शिवरात्रि महोत्सव. शिव-बरात के िसल्वर जुबली पर निकलेगी भव्य शोभा-यात्रा, यादगार बनाने में जुटे देवघरवासी
देवघर : आज से नौ दिन बाद लगातार 25वें साल भव्य शिव-बरात निकलनी है. देवघर की प्रसिद्ध शिव-बरात आकर्षक हो, इसके लिए देवघर के कलाकार जी-जान से जुटे हैं. मुख्य आकर्षण बैताल पचीसा को आकार दिया जा रहा है.
मुख्य कलाकार मार्कण्डेय जजवाड़े उर्फ पुटरू की देख-रेख में काम चल रहा है. पुटरू जी के सहयोग में उनके शिष्य लगे हुए हैं. थर्माेकोल व बांस-बत्ती को लेकर पूरे जुगाड़ के साथ भूत-बैताल बन रहा है. शिव-बरात में देवघर की सड़कों पर यही आकृति चलती नजर आयेगी.
सहयोगियों की भूमिका भी अहम : शिव-बरात की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. तैयारी में पुटरूजी के सहयोग में सुनील अग्रवाल, लक्ष्मण, ज्ञान नरौने, सन्नी जजवाड़े, सदाशिव सरेवार, मनोज कुमार गुप्ता (टुनटुन), अनिल केशरी, अजीतानंद ओझा, प्रगति वर्णवाल, नाजिनी, निकिता कुमारी, हेमंत झा, शीतल कुमारी, रूपाली कुमारी, शिवानी आदि जुटे हैं.
25 साल बीत गये, पता ही नहीं चला : पुटरू
शिव-बरात निकलने की यादों को जेहन में लाते हुए मार्कण्डेय जजवाड़े उर्फ पुटरूजी ने कहा कि 25 साल कब निकल गया, पता ही नहीं चला. एक बार फिर से नये जोश व नयी उमंग के साथ कार्य काे देख कर लग रहा है कि शिव-बरात परंपरा की नयी शुरुआत हो रहा हो. युवा साथी काफी उमंग के साथ जुटे हैं.
