फैसला. अंतरजातीय विवाह के कारण युवक की कर दी थी हत्या
युवक कृष्ण कुमार दास की हत्या कर शव को रेलवे लाइन पर दिया था डाल
11 सितंबर 2011 को घटी थी घटना, दर्ज हुआ था एफआइआर
स्पेशल कोर्ट सह सेशन जज एक अजीत कुमार ने सुनाया फैसला
देवघर : अंतरजातीय विवाह करने के कारण कृष्ण कुमार दास नामक युवक की हत्या कर रेलवे लाइन पर डाल देने के चर्चित मामले में बुधवार को फैसला सुनाया गया. स्पेशल कोर्ट सह सेशन जज एक अजीत कुमार की अदालत ने इस मामले के तीनों दोषियों मंटू मंडल, गजेंद्र मंडल व रोहित मंडल को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही प्रत्येक दोषियों को 16-16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. तीनों दोषियों को दलित युवक की नृशंस हत्या करने, साक्ष्य छुपाने की नीयत से रेलवे लाइन पर शव को डालने व आपराधिक षडयंत्र करने का दोषी पाकर अलग-अलग सजा दी गयी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना की राशि मृतक के परिजनों को मिलेगी.
यह मुकदमा 11 सितंबर 2011 की घटना को लेकर मृतक के चाचा ने मधुपुर थाना में दर्ज कराया था. सुनवाई दौरान सरकारी पक्ष से 16 गवाही दी गयी थी व दोष सिद्ध करने में सफल हुए. इस मामले में अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक रंजीत सिंह व बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता सुभाष कुमार राय दो, गोपाल शर्मा व सुमन कुमार ने पक्ष रखे.
कैसे घटी थी यह घटना: कृष्ण कुमार दास नामक युवक देवघर कॉलेज में पढ़ता था. पढ़ाई के दौरान अलग समुदाय की एक लड़की से उनकी नजदीकी बढ़ी व दोनों घर से कोलकाता भाग निकले. कोलकाता में दोनों ने अंतरजातीय विवाह रचा ली थी. इधर, घर वालों के विशेष अनुरोध पर दोनों घर वापस लौट रहे थे. मधुपुर जंक्शन पर उतरने के बाद वहां से घर के निकले तो युवक का अपहरण कर लिया गया था. साथ ही दूसरी जाति की लड़की से विवाह रचाने का सबक सिखाने के लिए उनकी हत्या कर दी गयी व शव को मधुपुर के पास रेलवे ट्रैक पर डाल दिया था. इसे दुर्घटना का स्वरूप देने की कोशिश की गयी थी. रेलवे लाइन पर ट्रेन से उसका शव दो भागों में कट गया था. इस संबंध में मधुपुर थाना में कांड संख्या 134/2011 दर्ज किया गया था. मृतक के चाचा ने यह केस दर्ज कराया जिसमें उपरोक्त तीनों को नामजद किया जिन्हें सजा दी गयी.
अंतरजातीय विवाह के चलते गयी थी युवक की जान: मृतक कृष्ण कुमार दास ने दूसरी जाति की लड़की से शादी कर ली थी. यह शादी से लड़की पक्ष के लोग गुस्से में थे. इसके लिए हत्या की योजना परिजनों ने बनायी व उनका अपहरण कर लिया व सबक सिखाने की मंशा से हत्या कर साक्ष्य छुपाने का प्रयास किया था. बाद में इसका खुलासा हुआ व उपरोक्त सभी नामजद को इसमें संलिप्तता पाते हुए चार्जशीट दाखिल हुआ. मामला दलित प्रताड़ना व हत्या का होने के चलते स्पेशल कोर्ट में ट्रायल के लिए भेजा गया जहां पर दोषी पाकर उम्रकैद की सजा भरी अदालत में सुनायी गयी.
जिन्हें मिली सजा
1. मंटू मंडल
2. गजेंद्र मंडल- दोनों निवासी ग्राम कदैय, थाना जसीडीह
3. रोहित मंडल उर्फ रोहित कुमार मंडल- ग्राम- मिसरना, थाना- मधुपर
