बम विस्फोट करने व जानलेवा हमला का था आरोप
देवघर : जमीन के झगड़े में जानलेवा हमला व बम विस्फोट कर जख्मी करने के मामले में तीनों दोषियों जागेश्वर मांझी, रामचंद्र मांझी व मोती मांझी को 10 साल की सश्रम सजा सुनायी है. सेशन जज तीन विजय कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद यह फैसला दिया. साथ ही प्रत्येक को 19 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अलग से छह माह की सामान्य कैद की सजा काटनी होगी. सभी आरोपित जसीडीह थाना के गम्हरिया गांव के रहनेवाले हैं. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय व बचाव पक्ष से इशहाक अंसारी ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मारपीट, लूटपाट, जानलेवा हमला व बम विस्फाेटक करने की धाराओं में दोषी पाया गया व उक्त सजा सुनाई गयी.
क्या था मामला : जसीडीह थाना क्षेत्र के गिधनी गांव में 25 अक्तूबर 2008 को यह घटना हुई थी. इस संबंध में गिधनी निवासी शंभु चौधरी ने जसीडीह थाना में मामला दर्ज कराया था. दर्ज एफआइआर में कहा गया था कि आरोपितों ने जमीन के झगड़े के चलते जानलेवा हमला किया था व बम विस्फोट कर सूचक, उनकी पत्नी व पुत्री को जख्मी कर दिया था. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से आठ गवाही दी गयी व दोष सिद्ध करने में सफल हुए. आरोपितों को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाकर अलग-अलग सजा दी गयी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी.
