प्रतियोगिता. देवघर नगर निगम ने की स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी
पॉलीथिन मुक्त अभियान पड़ गया है ठंडा
20 दिनों से है अभियान बंद
देवघर : देवघर नगर निगम क्षेत्र में पॉलीथिन के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम पिछड़ सकता है. निगम की तैयार की झटका लग सकता है. देवघर में यत्र-तत्र पॉलीथिन सड़कों पर फेंका देखा जा सकता है. इधर, निगम की ओर से पॉलीथिन के खिलाफ चलाया गया अभियान भी ठंडा पड़ गया है. इससे शहर में एक बार फिर धड़ल्ले से पॉलीथिन का उपयोग होने लगा है. क्यूसीआइ की टीम कभी भी देवघर आ सकती है. यह बासुकिनाथ में ठहरी हुई है. शहर के बड़े प्रतिष्ठानों से लेकर सब्जी मंडी तक पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है. इससे सर्वेक्षण टीम अंकों को घटा सकती है. निगम ने नवंबर माह में नोडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में टीम बना कर जोरदार अभियान चलाया था. यह पिछले 20 दिनों से बंद हो गया है. इससे बाजार में फिर पॉलीथिन दिखने लगे हैं.
सड़कों पर लोगों के हाथों में पॉलीथिन में सामान लेकर जाते देखा जा सकता है. नगर निगम ने देवघर को पॉलीथिन मुक्त शहर घोषित कर रखा है. ऐसे में पॉलीथिन के बेचने, खरीदने व उपयोग करनेवाले तीनों दोषी माने जायेंगे. यह कानूनी रूप ले चुका है. बावजूद लोगों पर असर नहीं पड़ रहा है.
दुकानदारों ने जताया था विरोध
पॉलीथिन के उपयोग पर दुकानदारों का एक बड़ा वर्ग विरोध जता रहा है. वह 50 माइक्रोन से ऊपर के पॉलीथिन व पैकेजिंग पॉलीथिन के उपयोग पर कोई समझौता करना नहीं चाहते हैं. इससे निगम को भी झुकना पड़ा. टीम ने निगम सीइओ से मिल कर आपत्ति जतायी थी. इसके बाद से ही अभियान ठंडा पड़ गया.
लोगों में है जागरुकता का अभाव
पॉलीथिन उपयोग के मामले में जनता में जागरुकता का अभाव है. निगम भी पॉलीथिन से होनेवाली क्षति से ठीक से अवगत नहीं करा पा रही है. प्रचार-प्रसार का अभाव है. इसे अभियान का रूप देकर जागरुकता फैलानी चाहिए. टीम में नोडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, टैक्स दारोगा जय शंकर साह, टैक्स कलेक्टर सदाशिव जजवाड़े, शिबू राम, सहायक अभियंता समीर सिन्हा, कनीय अभियंता मुकुल कुमार आदि शामिल हैं.
