बंधा, विराजपुर व गौरा में सीओ ने निरीक्षण कर लगायी रोक
देवघर : मोहनपुर अंचल स्थित बंधा, गौरा व विराजपुर मौजा में सीबीआइ जांच के दायरे वाली करीब 190 एकड़ जमीन पर सीओ राकेश तिवारी ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. शनिवार को सीओ ने तीनों मौजा की सीबीआइ जांच के दायरे वाली जमीन का निरीक्षण कार्य के दौरान मौजूद मजदूर व अन्य लोगों को काम करने से मना कर दिया, साथ ही सीओ ने चेतावनी दिया है कि उक्त जमीन पर कोई निर्माण कार्य किया गया तो सीधे प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. निरीक्षण के दौरान बंधा व विराजपुर में सबसे अधिक आनन-फानन सीबीआइ जांच की दायरे वाली जमीन पर कर्य चालू पाया गया.
कई जगह जमीन की चहारदीवारी तोड़ कर नये सिरे से कार्य चल रहा था तो कई जगह तेजी से घेराबंदी व मकान का निर्माण चल रहा था. सीओ ने करीब तीन घंटे तक एक-एक प्लॉट का निरीक्षण कर काम बंद कराया. बंधा में 70 एकड़, विराजपुर में 10 एकड़ व गौरा मौजा में 110 एकड़ जमीन सीबीआइ जांच के दायरे में है. सीबीआइ की टीम ने उक्त मौजा के संबंधित जमीन के दस्तावेजों की जांच कर सीबीआइ कोर्ट धनबाद में चार्जशीट भी दाखिल किया है. सीओ ने लोगों से कहा है कि जब तक सीबीआइ कोर्ट का फैसला नहीं आता है तो तब तक संबंधित जमीन पर कोई कार्य नहीं होगा.
विराजपुर में बंदोबस्ती जमीन के दस्तावजे की जांच शुरू
विराजपुर मौजा में जमाबंदी नंबर 14 के दाग नंबर 52 की जमीन पर गुरुवार को सीओ राकेश तिवारी ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी. सीओ ने जमीन पर निर्माण कार्य करने वालों को अंचल कार्यालय में हल्का कर्मचारी को जमीन पर दावा संबंधित दस्तावेज सौंपने को कहा था. सीओ के समक्ष जमीन पर निर्माण कार्य करने वालों ने का दावा किया था कि यह जमीन उनके पूर्वजों के नाम से है, जिसमें घेराबंदी भी पहले की गयी है. सीओ ने हल्का कर्मचारी को बंदोबस्ती संबंधित दस्तावेज व अंचल कार्यालय में मौजूद मूल अभिलेख से जांच शुरू करने को कहा है. मूल अभिलेख से मिलान किया जायेगा कि उक्त जमीन किस प्रकृति की है, साथ ही जमीन की बंदोबस्ती नियमाकूल दी गयी है या नहीं. जांच के बाद एसडीओ रिपोर्ट भेजी जायेगी.
बंधा, गौरा व विराजपुर में सीबीअाइ जांच के दायरे वाली जमीन के निर्माण पर रोक लगा दी गयी है. जब तक कोर्ट का फैसा नहीं आता है उक्त भूमि पर कोई कार्य नहीं होगा. अगर कार्य किया गया तो चिन्हित कर उक्त व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. विराजपुर में बंदोबस्त जमीन के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पहले मूल अभिलेख को देखा जा रहा है.
