निगम प्रशासन पर लगाया प्रोसीडिंग में छेड़छाड़ का आरोप

देवघर : नगर निगम अपने कार्यों से हमेशा चर्चा में बनी रहती है. एक बार फिर ऐसा ही माजरा देखने को मिला है. नगर निगम संपूर्ण बोर्ड की बैठक गुरुवार को 28 दिसंबर को होगी. इसकी प्रोसीडिंग कॉपी कायदे से बैठक के सात दिनों के अंदर देनी थी. इस बार लगभग दो माह बाद प्रोसीडिंग […]

देवघर : नगर निगम अपने कार्यों से हमेशा चर्चा में बनी रहती है. एक बार फिर ऐसा ही माजरा देखने को मिला है. नगर निगम संपूर्ण बोर्ड की बैठक गुरुवार को 28 दिसंबर को होगी. इसकी प्रोसीडिंग कॉपी कायदे से बैठक के सात दिनों के अंदर देनी थी. इस बार लगभग दो माह बाद प्रोसीडिंग की कॉपी दी गयी. वह भी पार्षदों की ओर से आपत्ति जताने के बाद.
बोर्ड की बैठक आज है. एक दिन पूर्व बुधवार को पार्षदों को प्रोसीडिंग कॉपी तो दे दी गयी मगर सीडी नहीं दी गयी. इसे देख कर सभी पार्षद अचंभित हैं. संबंध में पार्षद आशीष झा उर्फ कन्हैया ने बताया कि हमारी आशंका सही निकली. हर बार प्रोसीडिंग में अंतर कर दिया जाता है. इसका विरोध करने पर प्रमाण मांगने के नाम पर चुप करा दिया जाता है. इसलिये इस बार 23 अक्तूबर की बैठक की प्रोसीडिंग को मोबाइल में कैद कर लिया था. बताया कि बुधवार को मिली प्रोसीडिंग की कॉपी में छेड़छाड़ की गयी है. गत बैठक में लिये गये कई प्रस्ताव हटा दिये गये हैं. या फिर तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. जो मूल कॉपी से मेल नहीं खा रही.
नगर विकास सचिव ने दिया था निर्देश : नगर विकास विभाग के सचिव अरुण कुमार सिंह ने संपूर्ण बोर्ड की बैठक की रिकार्डिंग कराने व रिकार्डिंग की सीडी की कॉपी सभी पार्षदों को देने का निर्देश दिया था. उसे अब तक लागू नहीं किया गया है. नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने जिला योजना समिति की बैठक में डीसी के सामने सीइओ संजय कुमार सिंह को हर माह निगम संपूर्ण बोर्ड की बैठक कराने का निर्देश दिया था. यह भी फेल हो रहा है.
निगम ने रैंकिंग सुधारने का तो नहीं अपनाया शॉर्ट कट तरीका !
देवघर. स्वच्छता सर्वेक्षण करने के लिए दिल्ली से आयी तीन सदस्यीय टीम देवघर सोमवार को पहुंची. तीन दिनों में टीम ने देवघर, दुमका व बासुकिनाथ का भ्रमण भी किया व बुधवार को दिल्ली भी लौट गयी. लेकिन, टीम में शामिल लोगों को निगम की ओर से मीडिया से दूर रखा गया. उनके रहने-खाने की व्यवस्था भी गुप्त रखी गयी. सदस्यों ने आपस में काम बांट कर भ्रमण किया. देवघर नगर निगम क्षेत्र का दायित्व मनिंदर चौहान के जिम्मे रहा.
पहले दिन तीनों अधिकारी देवघर के रामरतन बख्सी रोड स्थित एक निजी होटल में रखा गया. इसके बाद जगह बदल कर उनके लिए बासुकिनाथ मंदिर के निकट एक होटल में कमरा बुक कर रहने की व्यवस्था की गयी. जानकारी के अनुसार, मनिंदर ने तीन दिनों के दौरान देवघर के रामकृष्ण मिशन, संत कोलंबस स्कूल, बड़ा बाजार, प्राइवेट बस स्टैंड, सरकार बस स्टैंड, टावर आदि जगहों का भ्रमण किया. मनिंदर चौहान के साथ सिटी मैनेजर प्रकाश मिश्रा, निलेश कुमार व सुधांशु कुमार तीनों भ्रमण के दौरान शामिल रहे.
लगाये जा रहे कयास : टीम के सदस्यों को मीडिया से दूर रखने पर कई सवाल भी उठ रहे हैं. आखिर, ऐसी क्या परिस्थिति हो गयी कि सदस्यों को मीडिया से मिलने नहीं दिया गया. कहीं ऐसा तो नहीं कि टीम के सदस्यों को स्वच्छता में अपनी रैंकिंग बढ़ाने के लिए ऐसे ही इलाकों का दौरा कराया गया, जहां निगम ने पूरी सफाई कर रखी हो.

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