वर्ष 2014 में मात्र पांच साइबर कांड विभिन्न थाना में दर्ज कराये गये थे. 2015 में 18 साइबर मामले अलग-अलग थाना में दर्ज हुए. वहीं 2016 में मात्र 12 साइबर कांड की प्राथमिकी अलग-अलग थाना में दर्ज कराये गये थे. साइबर ठगी के मामले में सारठ व पालोजोरी थाना क्षेत्र सबसे आगे है. सारठ, पालोजोरी, घोरमारा, मारगोमुंडा व मधुपुर क्षेत्र से सबसे अधिक साइबर ठगों की गिरफ्तारी हुई है. इन थाना क्षेत्रों में दूसरे राज्यों की पुलिस ने छापेमारी कर साइबर ठगी के आरोपित को पकड़ा है.
जिले के साइबर ठगों से दूसरे राज्यों की पुलिस भी परेशान, जिले में चार साल में 97 साइबर ठगी
देवघर: जिले में साइबर अपराध में काफी वृद्धि हुई है. पहले तो साइबर आरोपित बाहरी लोगों को ठगते थे, लेकिन अब स्थानीय लोगों को भी चूना लगाने लगे हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो चार वर्षों में अब तक देवघर जिले में कुल 97 साइबर कांड दर्ज हुए हैं. सर्वाधिक मामले इस साल दर्ज हुए. […]

देवघर: जिले में साइबर अपराध में काफी वृद्धि हुई है. पहले तो साइबर आरोपित बाहरी लोगों को ठगते थे, लेकिन अब स्थानीय लोगों को भी चूना लगाने लगे हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो चार वर्षों में अब तक देवघर जिले में कुल 97 साइबर कांड दर्ज हुए हैं. सर्वाधिक मामले इस साल दर्ज हुए. अब तक जिले के विभिन्न थानों में कुल 62 साइबर कांड दर्ज कराये गये हैं.
स्पीडी ट्रायल कराने में पुलिस करेगी सहयोग : पिछले दिनों राज्य के डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिया था कि साइबर ठगी के जो भी केस थाने में दर्ज हुए हैं, पुलिस को आराेपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल कराने लिए कोर्ट का सहयोग करने का निर्देश दिया गया है. समय पर आरोपितों पर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आरोपितों को सजा जल्द सुनायी जा सके.