दो चिकित्सक के भरोसे दो लाख की आबादी

सारठ बाजार: सारठ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रखंड की 25 पंचायतों की लगभग दो लाख की आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था महज दो चिकित्सकों पर निर्भर है. सुविधा व संसाधन के अभाव में ग्रामीणों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही. आलम यह है कि अच्छे खासे भवन रहने के बावजूद यहां की कमियाें […]

सारठ बाजार: सारठ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रखंड की 25 पंचायतों की लगभग दो लाख की आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था महज दो चिकित्सकों पर निर्भर है. सुविधा व संसाधन के अभाव में ग्रामीणों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही. आलम यह है कि अच्छे खासे भवन रहने के बावजूद यहां की कमियाें का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है.

चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों काे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल या फिर मधुपुर अनुमंडल अस्पताल जाना पड़ता है. इन दोनों सरकारी अस्पतालों में भीड़ अधिक रहने के कारण अधिकतर मरीज निजी क्लिनिक में इलाज कराने को विवश हो जाते हैं. प्रखंड क्षेत्र की अधिकतर आबादी खेती या मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है. लेकिन, सीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मयस्सर नहीं हो पाने के कारण गरीबों की जमा पाई-पाई इलाज में ही खर्च हो जाती है. विभागीय उदासीनता के कारण यहां की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से महरूम है.

वेतन सारठ से और काम कर रहे मोहनपुर व सदर अस्पताल में
सारठ सीएचसी कार्यरत पांच एएनएम मंजु माला, सुनीता कुमारी, वीणा कुमारी, रानी कुमारी, सुनीता यादव अपना वेतन का भुगतान सारठ से ले रहे हैं लेकिन, कार्य मोहनपुर सीएचसी तथा सदर अस्पताल में कर रहे हैं. श्रावणी मेले में ही पांचों एएनएम की प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल तथा मोहनपुर सीएचसी में की गयी थी. मेला बीत जाने के बाद भी इनकी प्रतिनियुक्ति रद्द नहीं की गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >