11 महीने बाद भी चालू नहीं हुआ करोड़ों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

मधुपुर : लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इसके बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मरीज या तो समुचित इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं या फिर उन्हें भारी भरकम राशि खर्च कर […]

मधुपुर : लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इसके बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र के मरीज या तो समुचित इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं या फिर उन्हें भारी भरकम राशि खर्च कर प्राइवेट हॉस्पीटल व झोलाछाप डॉक्टरों पर अपनी जमा-पूंजी लुटानी पड़ रही है.

प्रखंड के गोविंदपुर कोलवा में 2 करोड़ 52 लाख की लगात से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन जिस उद्देश्य से सरकार ने बनाया था. वह पूरी तरह से धरातल पर नहीं दिख रहा है.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ग्रामीणों में काफी उम्मीद जगी थी कि अब इस क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए मधुपुर अनुमंडल अस्पताल नहीं जाना होगा.
उद्घाटन का इंतजार
भवन बनने के बाद भी अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है. भवन का निर्माण 11 माह पूर्व ही हो चुका है. स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं होने से आसपास के ग्रामीण आज भी अनुमंडलीय अस्पताल मधुपुर पर निर्भर है.
रख-रखाव के अभाव के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में झाड़ी उग आयी है. ग्रामीणों ने अविलंब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवा बहाल करने की मांग की है.
2.52 करोड़ की लागत से बना है स्वास्थ्य केंद्र
प्राइवेट डॉक्टर व झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में लुट जाती है गरीबों की पूंजी
विभाग को अबतक नहीं किया गया हैंडओवर
क्या कहते हैं मंत्री
नवनिर्मित भवन स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा गया है. जिस कारण भवन का उद्घाटन नहीं हुआ है. भवन हैंड ओवर होते ही लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी.
राज पलिवार, श्रम नियोजन मंत्री

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