जनसुनवाई पूरी होने के बाद अब 27 गांवों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए अधिसूचना जारी होगी. उसके बाद रैयतों को मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया चालू कर दी जायेगी. देवघर रिंग रोड में कुल 65 गांवों में लगभग एक हजार एकड़ जमीन की जरूरत है. यह रिंग रोड हिंडोलावरण से रोहिणी व मानिकपुर होते हुए दर्दमारा तक 35 किलोमीटर लंबा के साथ फोरलेन बनेगा. सड़क की चौड़ाई 200 फीट होगी.
रिंग रोड के लिए 27 गांवों में हुई जनसुनवाई, जमीन की दर निर्धारित, प्रति डिसमिल मिलेगा 50 हजार तक मुआवजा
देवघर: 65 गांवों से गुजरने वाली देवघर रिंग रोड की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसके तहत 27 गांवों में भू-अर्जन विभाग से जनसुनवाई पूरी कर ली गयी है. जनसुनवाई के दौरान जमीन अधिग्रहण में रैयतों को दिये जाने वाले मुआवजे की जानकारी दी गयी है. सरकार ने रिंग रोड में चार […]

देवघर: 65 गांवों से गुजरने वाली देवघर रिंग रोड की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसके तहत 27 गांवों में भू-अर्जन विभाग से जनसुनवाई पूरी कर ली गयी है. जनसुनवाई के दौरान जमीन अधिग्रहण में रैयतों को दिये जाने वाले मुआवजे की जानकारी दी गयी है. सरकार ने रिंग रोड में चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान तय किया है. इसमें रैयतों को न्यूनतम 25 हजार से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जायेगा. इसके लिए धानी जमीन की अलग-अलग किस्म तय की गयी है.
इन गांवों में हुई जनसुनवाई
हिंडोलावरण, लोढ़ीवरण, मनसाराय कुरैवा, धरती, कल्होड़िया, हरिला, हरकट्टा, गौरा सिंह, सिरसा, भौरा जमुआ, बांध अगार, भोक्ताडीह, कर्णकोल, नावाडीह, जमुनियाटांड़, गम्हरिया, जलाथर, जलाथर लखरे, चमराकनाली, तिवारीडीह, सरसा, कोरहाडीह, फूटाबांध, बनोगा, जनकपुर, कोड़ाडीह व दर्दमारा.शेष 38 गांवों में सामाजिक सर्वेक्षण, भू-अर्जन प्रस्ताव व दस्तावेजों की जांच चल रही है.