नौ साल बाद मधुपुर में हाइटेक जेल बनकर तैयार

मारगोमुंडा: आखिरकार नौ वर्ष बाद मधुपुर का उपकारा भवन चेतनारी में बनकर तैयार हो गया. 21 करोड़ की लागत से बना उपकारा अगले माह संवेदक विभाग के सुपुर्द करेंगे. चेतनारी में उपकारा का निर्माण कार्य वर्ष 2009 में साढ़े सात करोड़ की लागत से शुरू हुआ था, लेकिन तकरीबन 10 प्रतिशत काम होने के बाद […]

मारगोमुंडा: आखिरकार नौ वर्ष बाद मधुपुर का उपकारा भवन चेतनारी में बनकर तैयार हो गया. 21 करोड़ की लागत से बना उपकारा अगले माह संवेदक विभाग के सुपुर्द करेंगे. चेतनारी में उपकारा का निर्माण कार्य वर्ष 2009 में साढ़े सात करोड़ की लागत से शुरू हुआ था, लेकिन तकरीबन 10 प्रतिशत काम होने के बाद संवेदक ने काम छोड़ दिया था. उसके बाद लंबी प्रक्रिया के बाद 2015 में दोबारा निविदा निकाली गयी. अब जाकर काम पूरा हो पाया है. यहां उपकारा के साथ जेल अधीक्षक, चिकित्सक, पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के लिए आवास बनाये गये हैं.
कौन-कौन सी हैं सुविधाएं : मधुपुर उपकारा की क्षमता 360 कैदियों की है. इनमें 300 पुरुष व 60 महिलाएं रह सकेंगी. पुरुषों के लिए आठ व महिलाओं के लिए दो सेल बनाये गये हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र, पुस्तकालय, किचेन, 65 शौचालय, फीडिंग प्लेटफॉर्म, महिला व पुरुष के लिए सिलाई सेंटर व वर्कशॉप भी बनाये गये है. कम्युनिटी हॉल, पुलिस बैरक, दो गोदाम, प्रशासनिक भवन, चार वॉच टावर, टू ए व बी टाइप के क्वार्टर की भी सुविधा है.

जेल के बनकर तैयार होने के बाद अब हर दिन देवघर कारा से मधुपुर व्यवहार न्यायालय सुनवाई के लिए कैदियों को लाना व ले जाना नहीं पड़ेगा. इससे हर माह विभाग को लाखों के डीजल व श्रम संसाधन की बचत होगी. सुरक्षा के ख्याल से भी यह बेहतर विकल्प साबित होगा. उपकारा तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है. जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा.

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