देवघर : देवघर सदर अस्पताल में 24 घंटे इलाज की सुविधा तो है, लेकिन दवा के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है. सदर अस्पताल का दवा काउंटर ओपीडी के समय में पांच घंटे ही खुलता है. दोपहर तीन बजे के बाद दवा का काउंटर बंद हो जाता है. इसके बाद मरीजों को ओपीडी से दर्द, बुखार, सर्दी, खांसी व एंटीबायोटिक दवा के अलावा किसी प्रकार की दवा नहीं मिलती है.
तीन बजे तक दवा नहीं ली, तो अगले दिन का इंतजार
देवघर : देवघर सदर अस्पताल में 24 घंटे इलाज की सुविधा तो है, लेकिन दवा के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है. सदर अस्पताल का दवा काउंटर ओपीडी के समय में पांच घंटे ही खुलता है. दोपहर तीन बजे के बाद दवा का काउंटर बंद हो जाता है. इसके बाद मरीजों को ओपीडी से दर्द, […]

मरीजों को बाहर की दवा पर ही निर्भर होना पड़ता है. इसमें सबसे अधिक परेशानी गरीब व असहाय लोगों को होती है. कई मरीज तो दवा खरीदने में सक्षम नहीं होते हैं और अगले दिन का इंतजार करते हैं. इससे उनकी हालत और बिगड़ जाती है. इस समस्या को कई बार लोगों ने उठाया तथा सीएस को जानकारी दी, लेकिन निदान नहीं हो सका है.
खराब पड़ा है अस्पताल का आरओ मशीन
सदर अस्पताल में मरीजों सहित उनके साथ आने वाले लोगों के लिए आरओ मशीन लगाया गया था, जो कई दिनों से खराब पड़ा है. इससे लोगों को शुद्ध पानी तक नहीं मिल पाता है. इस पर अस्पताल के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं. हालत यह है कि मरीजों व अन्य लाेगों को चापानल से या फिर बाजार से खरीद कर पानी लाना पड़ता है.
निजी एंबुलेंस का सहारा
देवघर सदर अस्पताल में चार सरकारी एंबुलेंस हैं, जिनमें से एक खराब पड़ा है. ऐसी स्थिति में अस्पताल से रेफर मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहयोग लेना पड़ता है. निजी एंबुलेंस के चालक मरीजों के परिजनों से मनमाना भाड़ा वसूल करते हैं. एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर -108 भी जारी किया गया है, लेकिन इसकी सेवा आजतक मरीजों काे नहीं मिल सकी है. रविवार को देवीपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप घायल हो गये थे. जिन्हें सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. इसके बाद घायलों के परिजनों ने अस्पताल के एंबुलेंस के चालक का काफी देर तक ढुंढते रहे, लेकिन नहीं मिला. इसके बाद परिजन उन्हें निजी एंबुलेंस से बाहर ले गये.
क्या कहते है अस्पताल के सिविल सर्जन
दवा काउंटर तीन बजे तक खुलना रूटीन वर्क है. इसके बाद अपातकालिन में जो दवा है वही दवा उपलब्ध हो सकती है. आरओ के लिए अस्पताल उपाधीक्षक से संपर्क करना पड़ेगा. एंबुलेंस सेवा मरीजों को मिल रही है, यदि एंबुलेंस बाहर चला जाता है इसके बाद ही नहीं सुविधा मिल पाती है.
-डॉ एससी झा, सिविल सर्जन, देवघर सदर अस्पताल