इस स्कूल में दो सेवानिवृत्त शिक्षक सहित दो अन्य स्वयंसेवी शिक्षक बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाते हैं. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेश मंडल गणित व विज्ञान विषय जबकि अवधेश मंडल सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षक हैं. जो इतिहास व नागरिक शास्त्र भी पढ़ाते हैं. इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षक मो. राजा खान, मोतीलाल मंडल के अलावा जय कुमार विश्वास गणित व विज्ञान विषय, जबकि मुनाजिर अंसारी सामाजिक विज्ञान विषय पढ़ाते हैं.
नहीं मिल रही विषयवार शिक्षा, दो शिक्षकों के भरोसे 1147 छात्रों का भविष्य
पालोजोरी: प्रखंड के हाइस्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है. एेसे में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा कोरी कल्पना बन कर रह गयी है. शिक्षकों की कमी के साथ-साथ बच्चों को संसाधनों की कमी का दंश भी झेलना पड़ रहा है. प्रखंड के सरसा उच्च विद्यालय में इस वर्ष से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई हो […]

पालोजोरी: प्रखंड के हाइस्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है. एेसे में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा कोरी कल्पना बन कर रह गयी है. शिक्षकों की कमी के साथ-साथ बच्चों को संसाधनों की कमी का दंश भी झेलना पड़ रहा है.
प्रखंड के सरसा उच्च विद्यालय में इस वर्ष से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई हो रही है. पूर्व में यहां 10वीं तक की पढ़ाई होती थी. यहां कक्षा नौ में 509, 10वीं में 472 जबकि 11वीं में 166 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, पर इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक ही यहां पदस्थापित हैं. शिक्षकों की कमी के कारण इन्हें विषयवार शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है. इसके कारण बच्चों को परीक्षा में बेहतर परिणाम भी नहीं मिल पा रहे हैं. कुछ स्वयंसेवी शिक्षकों की सहायता से छात्र मैट्रिक की परीक्षा किसी तरह पास जरूर कर जाते हैं.
विद्यालय में उपलब्ध संसाधन : विद्यालय में कुल आठ वर्ग कक्ष हैं. चार शौचालय हैं जिनमें दो बालकों व दो बालिकाओं के लिए हैं. शिक्षकों के कुल 11 पद स्वीकृत हैं.
कहते हैं प्रधानाध्यापक
प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेश मंडल ने कहा कि शिक्षकों के अभाव के कारण बच्चों को विषयवार शिक्षा संभव नहीं हो पा रहा है.
शिक्षकों के पदस्थापना से संबंधित प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी को कई बार भेजा गया है. एचआर पुल के तहत स्वेच्छा से चार
स्वयंसेवी शिक्षक सेवा दे रहे हैं. जिसके कारण किसी तरह कक्षा का संचालन हो रहा है.