अब प्राइवेट स्कूल प्रबंधन नहीं कर सकेगा शोषण

देवघर: झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन विधेयक 2017 को झारखंड कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद निजी स्कूलों में मनमाना फीस बढ़ोतरी पर रोक लग जायेगी. इस फैसले में निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण लगाने का प्रावधान है. नये फैसले के तहत स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के लिए फीस निर्धारण समिति बनायी जायेगी. समिति […]

देवघर: झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन विधेयक 2017 को झारखंड कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद निजी स्कूलों में मनमाना फीस बढ़ोतरी पर रोक लग जायेगी. इस फैसले में निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण लगाने का प्रावधान है. नये फैसले के तहत स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के लिए फीस निर्धारण समिति बनायी जायेगी. समिति के पास मौजूदा फीस में सिर्फ दस फीसदी बढ़ाने का अधिकार होगा. बावजूद स्कूल प्रबंधन ज्यादा फीस वसूल करता है तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी. कैबिनेट के इस फैसले से माता-पिता व अभिभावकों में काफी खुशी है. फैसले पर अभिभावकों की प्रतिक्रिया.

क्या कहते हैं अभिभावक
झारखंड सरकार का फैसला स्वागत योग्य है. इससे अभिभावकों की आर्थिक परेशानी कम होगी. बशर्ते फैसला धरातल पर उतराया जाये. अन्यथा अभिभावक परेशान ही रहेंगे.’
– संताेष बरनवाल, अभिभावक
ट्यूशन फी में बढ़ोतरी बच्चों को शिक्षा से दूर कर रही है. झारखंड कैबिनेट का फैसला कुछ हद तक जायज है. प्राइवेट स्कूलों के फी में और कमी आनी चाहिए.’
– तृप्ति रूपम, अभिभावक
कैबिनेट का फैसला एकदम सही कदम है. लेकिन, सरकार के इस फैसला को धरातल पर उतारा जायेगा. यह देखने वाली बात होगी. समिति कैसी बनेगी, यह भी तय हो.
– रूपम देवी, अभिभावक
प्राइवेट स्कूलों में मनमाना फी होने के कारण मध्यमवर्गीय परिवार परेशान है. सरकार के इस फैसले से माता-पिता व अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी.’
– सौरभ कुमार, अभिभावक

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