सारवां: प्रखंड क्षेत्र के रक्ति पंचायत के कानूडीह गांव की निवासी रीना देवी ने सीएचसी प्रभारी को आवेदन देकर गुहार लगायी है कि बंध्याकरण के पांच साल बाद कैसे बच्चा हो गया. आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2012 में सारवां सीएचसी में आयोजित बंध्याकरण कैंप में उनका बंध्याकरण ऑपरेशन कराया था, लेकिन पांच साल के बाद एक लड़की पैदा हो गयी.
कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व सरकार से अपने लड़की की शादी व शिक्षा की जिम्मेदारी संभालने व मानहानि की भरपाई की मांग की है.
सीएचसी प्रभारी डॉ सुनील कुमार ने कहा जीरो प्वाइंट फाइव प्रतिशत एेसा केस मिलते हैं. इसके लिये दावा करने पर सरकार से 30 हजार मुआवजे का प्रावधान है. इसका लाभ पीड़िता को दिलाया जायेगा.
